
स्टाफ की कमी से जूझ रहा खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऐसे में कैसे होगी जांच
रायपुर@छत्तीसगढ़ में दवाओं का करोड़ों रुपए का कारोबार है। लेकिन इनकी जांच के लिए पर्याप्त संसाधन ही नहीं है। हालात ऐसे हैं कि राज्य में एकमात्र लैब है, जहां दवाओं सहित अन्य खाद्य पदार्थों की जांच की व्यवस्था है। लेकिन यहां भी सालों से स्टाफ की भर्ती नहीं हुई है। अधिकारियों की मानें तो शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया होनी है, जो हो ही नहीं पा रही है।
लैब में सीनियर और जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर से लेकर असिस्टेंट व माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स के पद भी खाली है। इसका सीधा असर दवाओं सहित खाद्य पदार्थों की जांच पर पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार लैब में हर माह 150 से ज्यादा दवाओं के सैंपल्स जांच के लिए भेजे जाते हैं, लेकिन इनमें से महज 30 से 40 सैंपल्स की जांच हो पा रही है। वहीं, अब तक 400 से ज्यादा सैंपल्स पेंडिंग पड़े हुए हैं, जिनकी जांच ही नहीं हो पा रही है। इसी बीच लैब में उदासीन व्यवस्था की वजह से सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई करने वाली एजेंसी सीजीएमएससी (दवा निगम) द्वारा भी इनकी जांच बाहर से करवाई जा रही है। जिसके लिए दवा निगम द्वारा भी छह निजी लैब से अनुबंध किया गया है। ऐसे मैं लैब होने के बाद भी प्रदेश के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आसपास के 5 राज्यों में थोक दवाओं का होता है कारोबार
प्रदेशभर से थोक का कारोबार 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का है। यहां से झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तराखंड सहित मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में भी दवाओं की सप्लाई की जाती है। लेकिन प्रदेश में ही दवाओं की जांच के लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं।
6 माह पहले भेजा गया प्रस्ताव शासन स्तर पर अब भी लंबित
खाद्य एवं औषधि प्रशासन लैब कई वर्षों से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। यहां स्टाफ की भर्ती के लिए प्रस्ताव तो शासन को भेजा गया है, लेकिन इस पर अब तक अनुमति ही नहीं मिल पाई है। वहीं, बीते छह महीने पहले प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर अब तक अनुमति ही नहीं मिल पाई है। जबकि अब अफसर आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती करने की बात कर रहे हैं।
78 ड्रग इंस्पेक्टर्स, लेकिन जांच करने सिर्फ 3 स्टाफ
राज्यभर में 78 ड्रग इंस्पेक्टर्स दवाओं की सैंपलिंग करने के लिए हैं। जो कि हर महीने 5 दवाओं के सैंपल्स रैंडम्ली लें, तो भी हर महीने 390 सैंपल्स आते हैं। लेकिन इनकी जांच करने के लिए सिर्फ तीन स्टाफ हैं। ऐसे में इनकी जांच समय पर हो पाना संभव ही नहीं दिखाई देता है। और वही हो भी रहा है।
पदनाम - रिक्त पद
सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर - 2
सीनियर साइंटिफिक असिस्टेंट - 1
जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट - 14
माइक्रो बायोलॉजिस्ट - 2
खाद्य एवं औषधि प्रशासन केडी कुंजाम ने कहा , नियंत्रक खाली पदों को भरने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। शासन स्तर पर भर्ती प्रक्रिया होनी है।
Published on:
17 Jan 2023 10:02 pm
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