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Power Generation From Biogas Plant : पहली बार गोबर से तैयार 10 केवी बिजली से जले बल्ब और चले पंखे

Power Generation From Biogas Plant: प्रदेश में पहली बार शहर के डोंगाघाट में स्थापित बायोगैस संयंत्र में हुआ बिजली का उत्पदान, गोबर से बिजली बनाने वाला प्रदेश का पहला नगर निगम बना जगदलपुर

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Till all the villagers do not deposit the bills, there will be no electricity

Power Generation From Biogas Plant : जगदलपुर . नगर निगम जगदलपुर जिस प्रोजेक्ट पर लंबे वक्त से काम कर रहा था, उसने बुधवार को काम करना शुरू कर दिया। डोंगाघाट में स्थापित किए गए निगम के बायोगैस प्लांट से पहली बार बिजली का उत्पादन हुआ। प्लांट में 10 किलो वाट बिजली के उत्पादन की क्षमता है और पहले ही दिन 10 केवी बिजली का उत्पादन हो गया। बिजली उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन करने के लिए इस दौरान महापौर सफीरा साहू, आयुक्त दिनेश कुमार नाग समेत एमआईसी के सदस्य मौजूद रहे। बिजली का उत्पादन शुरू होने के बाद महापौर ने बिजली आपूर्ति स्वीच दबाया और इसके साथ ही प्लांट में लगाए गए पंखे, बल्ब जलने लगे। इस मौके पर महापौर ने कहा कि यह दिन जगदलपुर नगर निगम के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि हमने वह काम कर दिखाया है जो अब तक प्रदेश के किसी भी नगर निगम में नहीं हो पाया था। महापौर ने कहा कि फिलहाल शहर में एक प्लांट की स्थापना की गई है लेकिन हमारा प्रयास रहेगा कि शहर के दूसरे हिस्सों में भी इसी तरह से प्लांट शुरू किए जा सकें। इस प्लांट में तैयार होने वाली बिजली की सप्लाई डोंगाघाट के ही 40 घरों को की जाएगी।

भाभा अनुसंधान केंद्र ने तैयार किया है प्लांट
इस प्लांट की स्थापना भाभा आण्विक अनुसंधान केंद्र मुंबई ने की है। केंद्र के विशेषज्ञों ने यहां रहकर ही इस प्लांट का पूरा सेटअप तैयार किया और अब यह काम करने लगा है। इस प्लांट में 10 केवी बिजली के उत्पादन के लिए हर दिन 500 किलो गोबर की आवश्यकता होगी। बिजली उत्पादन के बाद गोबर का उपयोग खाद के रूप में हो सकेगा। यहां की बिजली से 40 घरों को रोशन होंगे। इसकी क्षमता बढ़ाकर अतिरिक्त बिजली को ग्रिड सिस्टम के माध्यम से विद्युत कंपनी को बेचा भी जा सकता है।

सीएम कह चुके हैं यह मॉडल अब पूरे प्रदेश में होगा लागू
पिछले दिनों बस्तर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस प्लांट के पूरे कॉन्सेप्ट की सराहना की थी और कहा था कि यह मॉडल कमाल का है और इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित भी किया था। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा था कि उनकी सरकार ग्रामीणों से गोबर खरीदने का काम पहले ही कर रही है अगर इस तरह प्लांट शुरू होते हैं तो ग्रामीणों की आय में और भी ज्यादा इजाफा होगा।