
रायपुर . अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डायरेक्टर के फेसबुक वॉल पर गाली पोस्ट करने वाला भारत का नागरिक नहीं है, बल्कि दूसरे देश का है। उस देश के भारत से अपराधियों के हस्तांतरण संबंधी कई दिक्कतें हैं। इस कारण फेसबुक ने उनकी जानकारी देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। और किसी भी तरह की जानकारी गृहमंत्रालय और फॉरेन एम्बेंसी के जरिए ही मांगने को कहा है। इसके बाद आमानाका पुलिस ने कानूनविदें से सलाह-मशविरा करना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि फेसबुक में टिप्पणी को लेकर एम्स प्रबंधन ने 30 से अधिक स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया गया था। एक सीनियर डॉक्टर पर भी सख्ती बरती गई थी।
गृहमंत्रालय से जाएगी जानकारी
डायरेक्टर के खिलाफ टिप्पणी करने वाला आईपी एड्रेस दूसरे देश का होने के कारण पूरी जानकारी फेसबुक सीधे आमानाका पुलिस से नहीं लेगी। अब गृह मंत्रालय और फॉरेन एंबेसी के जरिए जाएगी। आमानाका पुलिस अब डीपीओ के माध्यम से फेसबुक से दोबारा जानकारी मांगेगी। इसके लिए पत्र तैयार किया जा रहा है।
यह है मामला
पिछले साल रायपुर एम्स के डायरेक्टर डा.एम नितिन नागरकर ने अपनी शादी की सालगिरह के अवसर पर 240 बेड के अस्पताल ब्लॉक का उद्घाटन अपनी पत्नी के हाथों कराया था। इसके बाद यह तस्वीर फेसबुक में वॉयरल हुई। और कई लोगों ने कमेंट किया। एक व्यक्ति ने आपत्तिजनक शब्द पोस्ट किए थे। इसकी शिकायत डिप्टी डायरेक्टर नीरेश शर्मा ने आमानाका थाने में की थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने फेसबुक कंपनी से कमेंट करने वालों की जानकारी मांगी थी।
फेसबुक ने नए सिरे से जानकारी मांगी है। कानूनविदें से सलाह-मशविरा ली जा रही है। प्रतिकूल टिप्पणी करने वाले का आईपी एड्रेस पता चलने के बाद ही उसकी जानकारी हो सकेगी।
त्रिनाथ त्रिपाठी, टीआई-आमानाका, रायपुर
Published on:
17 Feb 2018 02:37 pm
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