Smart Meter: प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए अडानी और टाटा ग्रुप आगे आए हैं। पहले चरण की टेंडर प्रक्रिया में अडानी ग्रुप, टाटा ग्रुप, इंटेलीस्मार्ट ग्रुप और जीनियस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के जिम्मेदार शामिल हुए है। पहले चरण की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे और तीसरे चरण की टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी।
Smart Meter: रायपुर. प्रदेश में स्मार्ट मीटर होली के बाद लगना शुरू होगा। पूरी प्रक्रिया को समय पर शुरू करने के लिए बिजली कंपनी के अधिकारी युद्धस्तर पर प्रयासरत हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के लिए ग्लोबल टेंडर किया गया है। यह तीन चरणों में होगा। इसके पहले चरण में शामिल होने के लिए टाटा, अडानी सहित 4 कंपनियों ने रूचि दिखाई है। पहले चरण का टेंडर फरवरी माह के आखिरी में खोला जाएगा। मीटर बदलने की प्रक्रिया रायपुर और रायगढ़ जिले से शुरू होने की बात विभागीय सूत्रों ने कही है।
9500 करोड़ होंगे खर्च
प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की इस स्कीम में 9500 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। केंद्र से बिजली कंपनी के अधिकारियों को कुछ फंड मिला है। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने की प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ता को एक भी रूपए का शुल्क नहीं देना होगा। पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलने का पूरा खर्च विभाग उठाएगा।
अडानी-टाटा ग्रुप ने भरा है टेंडर:
प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए अडानी और टाटा ग्रुप आगे आए हैं। पहले चरण की टेंडर प्रक्रिया में अडानी ग्रुप, टाटा ग्रुप, इंटेलीस्मार्ट ग्रुप और जीनियस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के जिम्मेदार शामिल हुए है। पहले चरण की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरे और तीसरे चरण की टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी।
1- मोबाइल की तरह हमें बिजली सप्लाई के लिए मीटर रिचार्ज करवाने होंगे, तभी बिजली सप्लाई होगी।
2- रिचार्ज खत्म होते ही पावर कट हो जाएगा, जैसे मोबाइल में इंटरनेट या आउटगोइंग कॉल बंद हो जाते हैं।
3- बिजली बिल का भुगतान ऑनलाइन होगा, जैसे हम ऐप से करते हैं।
स्मार्ट मीटर का टेंडर तीन चरणों में होगा। पहले चरण में चार कंपनियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की इच्छा जाहिर की है। टेंडर फरवरी माह के आखिरी तक ओपन होगा। जिसका दाम कम होगा, उसको प्रदेश में मीटर लगाने की इजाजत दी जाएगी। मनोज खरे, एमडी, बिजली कंपनी