
प्रिंट शर्ट में शुभम और चेक शर्ट में शिवम.
ताबीर हुसैन @ रायपुर. ये हैं शिवम और शुभम तिवारी। दोनों हैं तो भाई लेकिन दोस्त की तरह रहते हैं। शुभम देख नहीं सकते। वे डिग्री गर्ल्स कॉलेज के रिसर्च सेंटर से पीएचडी कर रहे हैं, शिवम उनका साथ दे रहे हैं। शुभम ने एमए करते हुए यूजीसी नेट और जेआरएफ दोनों क्लियर कर लिया है। शिवम ने बताया, शुभम को दिखाई नहीं देने की परेशानी बचपन से थी। आठवीं तक सब ठीक था लेकिन इसके बाद रोशनी चली गई। पीएचडी का विषय है आधुनिक भक्ति धारा के संवाहक जगत गुरु रामभद्राचार्य का सामाजिक एवं सांस्कृति अध्ययन।
10 में से पांच घंटा भाई को पढ़ाता हूं
शिवम ने बताया, हम लोग मूलत: धमतरी जिले के रहने वाले हैं। पढ़ाई के लिए रायपुर में रह रहे हैं। मैंने एमएससी किया है। पढ़ाई के दौरान हम समय बांट लेते हैं। 10 में से पांच घंटा भाई को पढ़ाता हूं। चूंकि शुभम ने आठवीं तक की पढ़ाई देखकर ही की थी इसलिए ब्रेललिपि की जरूरत नहीं पड़ी। राइटर के जरिए वे परीक्षा देते हैं। कई बार तो मैं खुद उनका राइटर बना हूं।
साथ में मूवी भी करते हैं एंजॉय
शुभम ने बताया, हम लोग पढ़ाई के अलावा अलग-अलग एक्टिविटी को साथ में एंजॉय करते हैं। कहीं घूमने जाना हो या कोई गेम खेलना हो, कॉम्पीटिटर बन जाते हैं। इतना ही नहीं फिल्म देखने भी साथ जाते हैं। मैं एक्सप्लेन करता हूं।
कभी जाहिर नहीं होने दिया
शिवम बताते हैं, हमने कभी जाहिर नहीं होने दिया कि शिवम में कोई कमी है। कई बार तो जब मैं घर पर नहीं रहता तो छोटे-मोटे काम मम्मी शिवम से कह देती है। जब आप किसी को रियलाइज कराओगे तभी उसे किसी कमी का अहसास होगा ।
Published on:
06 Aug 2022 10:58 pm
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