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अब गाय के गोबर से बनेगी लकड़ी और इको फ्रेंडली तरीके से होंगे अंतिम संस्कार

राजधानी रायपुर में भी गौ काष्ठ (गोबर से बनी लकड़ी) से अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है।

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अब गाय के गोबर से बनेगी लकड़ी और इको फ्रेंडली तरीके से होंगे अंतिम संस्कार

रायपुर. भोपाल, ग्वालियर और भोपाल की तर्ज पर राजधानी रायपुर में भी गौ काष्ठ (गोबर से बनी लकड़ी) से अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है। नगर निगम रायपुर को एक पहलसंस्था ने बढ़ते हुए प्रदूषण एवं पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए गौ काष्ठ से अंतिम संस्कार कर इको फ्रेंडली तरीका अपनाने के लिए सहयोग मांगा है। संस्था ने निगम से गोबर से लकड़ी बनाने के कार्य के लिए स्थानीय गोकुल नगर में लगभग चार हजार वर्गफीट भूमि की मांग की है। इस प्रस्ताव को निगम की एमआइसी में शुक्रवार को रखा गया। जिसे एमआइसी ने पास कर दिया।

प्रस्ताव के अनुसार गोबर से बनी लकड़ी का उपयोग शवदाह गृहों में शवों को जलाने के किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में एक शव को जलाने के लिए आमतौर पर 250 से 300 किलोग्राम लकड़ी का उपयोग किया जाता है। प्रदूषण एवं पर्यावरण के हिसाब से गोबर से बनी लकड़ी का आम लकड़ी से ज्यादा कारगार साबित होगी।

गोबर से बनी लकड़ी का उपयोग करने से पेड़ पौधों की कटाई पर रोक के साथ ही बची हुई राख जो नदियों में प्रवाहित कर प्रदूषण फैलाया जाता है,को भी रोका जा सकता है। संस्था द्वारा निगम को दिए गए पत्रानुसार ग्वालियर नगर निगम में इस तरह की सेवाएं दी जा रही है। शवदाह गृह में गोबर से बनी लकड़ी से अंतिम संस्कार के लिए प्रति शव 1000 रुपए शुल्क लिया जाता है। जिसमें 50 प्रतिशत की राशि संस्था तथा शेष 50 प्रतिशत की राशि नगर निगम को प्राप्त होती है। इस शुल्क में गोबर क्रय की राशि शामिल नहीं है।

एमआइसी की बैठक में सदस्यों ने स्ट्रीट लाइट आए दिन बंद रहने पर जमकर नाराजगी जताई। एलइडी लाइट लगाने वाली कंपनी पर सख्त कार्रवाई करते हुए ठेका निरस्त करने की मांग की गई। आखिर में चर्चा होने के बाद एमआइसी ने निर्णय लिया कि एलइडी लगाने वाली ठेका कंपनी को नियम-शर्तों के अनुसार काम नहीं करने पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएग। इसके बाद ठेका निरस्त किया जाए।

एमआइसी सदस्य श्रीकुमार मेनन, अजीत कुकरेजा, एजाज ढेबर, अनवर हुसैन, समीर अख्तर, विमल गुप्ता ने एलइडी लाइट आए दिन बंद रहने से शहर की जनता को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई। श्रीकुमार मेनन ने निगम के अमले द्वारा गरीबों के मकानों को अवैध निर्माण के बहाने तोडऩे, सफाई के लिए यूजर चार्ज वसलूने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि रामकी द्वारा शतप्रतिशत वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम शुरू नहीं करती है, तब तक यूजर चार्ज न वसूला जाए।