
Gangster Aman Sahu Encounter: गैंगस्टर अमन साव उर्फ साहू के एनकाउंटर की प्लानिंग पहले ही हो गई थी। रायपुर पहुंचते ही झारखंड पुलिस के अफसरों ने एनकाउंटर की प्लानिंग की। इत्तेफाक से झारखंड पहुंचते ही गैंगस्टर ने एनकाउंटर का मौका भी दे दिया। झारखंड के पलामू के पास गैंगस्टर अमन के गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इसके बाद टीम ने जवाबी कार्रवाई में अपराधी अमन को ढेर कर दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक अपराधी अमन को झारखंड पुलिस ने एक कारोबारी पर फायरिंग के मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती थी। इसलिए उसे सोमवार की रात प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर सेंट्रल जेल से झारखंड ले जा रहे थे। टीम छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करके झारखंड पहुंची। सुबह करीब 9 बजे पलामू के चैनपुर और रामगढ़ थाना के बीच अंधारी ढोढा में अपराधी अमन के गैंग ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
पुलिस वाहन पर बम फेंके गए। इसी दौरान अमन भी पुलिस के जवान से रायफल छीनकर भागने लगा। पुलिस के रोकने पर उन पर भी फायरिंग करने लगा। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग शुरू की। इसमें अमन ढेर हो गया।
अपराधी अमन के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी आदि जैसे 100 से ज्यादा मामले झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य में दर्ज हैं। दोनों राज्य के कोयला कारोबारी, सरकारी ठेकेदार, कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालकों को डरा-धमकाकर वसूली करता था। वसूली के लिए रायपुर और कोरबा में चार कारोबारियों के कार्यालय में फायरिंग करवा चुका है। रायपुर पुलिस ने तेलीबांधा और गंज थाना के मामले में गिरफ्तार किया था। मृत अमन का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी कनेक्शन था। झारखंड में वसूली के कारोबार में उसकी भी मदद ले चुका था।
सूत्रों के मुताबिक झारखंड पुलिस पहले से एनकांउटर की तैयारी में थी, तो दूसरी ओर गैंगस्टर अमन भी पुलिस को चकमा देकर भागने की प्लानिंग कर चुका था। बताया जाता है कि इसमें झारखंड की पुलिस ने रायपुर पुलिस से भी काफी जानकारी ली थी।
गैंगस्टर अमन साहू रांची के छोटे से गांव मतबे का रहने वाला है। झारखंड में उसके ऊपर 100 मामले दर्ज हैं। अमन साहू हार्डकोर माओवादी भी रहा है। बताते हैं कि 2013 में अमन ने अपना गैंग बनाया था। करीब ढाई साल पहले कोरबा में अमन साहू गैग के सदस्यों ने बरबरीक ग्रुप पर फायरिंग की थी। शहर के शंकर नगर इलाके में कंपनी के पार्टनर के घर के बाहर गोली चलाकर धमकी दी गई थी। आरोप है कि अमन साहू (Gangster Aman Sahu Encounter) ने अपने कुछ शूटर रायपुर भेजे थे। उसकी हिट लिस्ट में शहर के कई कारोबारियों के नाम होने का भी दावा किया जाता है। इसके बाद रायपुर पुलिस ने इस गैंग के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
13 जुलाई को रायपुर शहर के तेलीबांधा इलाके में एक बिल्डर के दफ्तर पर फायरिंग की गई थी। इस हमले का आरोप भी अमन साहू गैंग पर ही है। बताया जाता है कि गैंगेस्टर अमन साहू का फेसबुक अकाउंट अमन सिंह नाम का शख्स कनाडा से ऑपरेट करता है। वहीं एक अकाउंट मलेशिया से सुनील राणा नाम का शख्स देखते है। अमन साहू खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी बताता है। कहा जाता है कि अमन लॉरेंस बिश्नोई को गुर्गै सप्लाई किया करता था, तो वहीं उसे बदले में हाईटेक हथियार मिलते थे। अमन साहू के महंगे कपड़ों का भी शौक था।
Updated on:
12 Mar 2025 07:56 am
Published on:
12 Mar 2025 07:55 am

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