पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार पहली बारिश में खराब हुए सड़कों को ठीक करने में नहीं दिखाई रुचि
रायपुर. दो दिन की लगातार भादो की झड़ी से सड़कों की डामर धुल गई और छोटे-छोटे गड्ढे दोगुने आकार के हो गए। शनिवार को बारिश थमने पर शहर की सबसे बड़ी रोड गौरवपथ पर बजरी पसर गई। वाहनों की आवाजाही के दौरान उससे उठने वाली गुबार नाक-मुंह में भरने लगा है। नेशनल हाइवे की सर्विस रोड, पीडब्ल्यूडी पहली बारिश में हुए सड़कों के गड्ढों को भरने में आनाकानी की। सड़कों पर गड्ढों के कारण कट मारकर चालकों को आगे बढऩा पड़ता है। शहर के करीब धरसींवा-तिल्दा मार्ग पर जानलेवा गड्ढे हो चुके हैं, जिसे भरा नहीं गया।
सबसे अधिक पीडब्ल्यूडी और नेशनल हाइवे की खराब हुई हैं। क्योंकि शहर की नगर निगम वाली सड़कों का मरम्मत और डामरीकरण पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री ने इस तर्क के साथ कराया था कि लोक निर्माण की क्वालिटी अच्छी होती हैं। वे सभी सड़कें अब कई जगहों पर खराब हो चुकी हैं। शहर के फाफाडीह चौक से खमतराई जाने वाली सड़क के दोनों तरफ 10 से 12 गड्ढे हो चुके हैं। पंडरी बस स्टैंड- बलौदाबाजार रोड अवंतिबाई चौक के पास उखड चुकी है। सिद्धार्थ चौक से संतोषीनगर जाने वाली सड़क जगह-जगह जर्जर हो गई। ब्रिज के नीचे का हिस्सा डबरी बन चुका है। इससे आगे बढऩे पुरानी धमतरी रोड का चौड़ीकरण सेजबहार तरफ से किया जा रहा है। लेकिन इसके बीच का हिस्सा डूडा चौक से आगे और कमलविहार की रोड से मिलने वाली कांदुल रोड जर्जर स्थिति में पहुंच गई है।
नेशनल हाइवे का अमला नहीं निकला बाहर
शहर की आबादी से घिरी हुई राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों को ठीक करने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों का अमला बाहर नहीं निकला। तेलीबाधा चौक से टाटीबंध चौक के बीच रिंग रोड क्रमांक-1 की दोनों तरफ की सर्विस रोड उखड़ चुकी है। मठपुरैना मोड पर जानलेवा गड्ढा चंगाराभाठा से रायपुरा ब्रिज के बीच ५ से ६ गड्ढे हो चुके हैं। एेसा दूसरी तरफ की रोड की भी स्थिति हो चुकी है। राजेंद्र नगर पेट्रोल पंप से आगे प्रियदर्शिनी नगर तरफ बढ़ते ही सड़क उखड़ चुकी है।
पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी ने बताया कि विभाग के सभी डिवीजन को ३१ जुलाई तक सड़कें ठीक कराना तय किया था। वाहनों के चलने से सड़कों पर गड्ढे तो होंगे परंतु उसे मिक्सिंग मटेरियल से भरवाया जाएगा। ताकि दुर्घटना न हो।