11 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यकीन मानिए! यहां नाचते-गाते हुए आते हैं भूत, फिर किया जाता है उनका सौदा 

जशपुर जिले के बगीचा थाना के सरबकोबी गांव में तो अंधविश्वास का आलम यह है कि यहां भूतों की तस्करी की जाती है। 

2 min read
Google source verification

image

Abhishek Jain

Sep 16, 2016

Ghosts smuggling in Chhattisgarh

Ghosts smuggling in Chhattisgarh

रायपुर/जशपुर. छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास लोगों के दिलो-दिमाग पर इस कदर छाया हुआ कि लोग जान की कीमत पर भी इसे करने को तैयार हैं। जादू-टोना, टोनही-प्रताडऩा जैसी चीजें यहां आम हैं। जशपुर जिले के बगीचा थाना के सरबकोबी गांव में तो अंधविश्वास का आलम यह है कि यहां भूतों की तस्करी की जाती है। सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन ये सच है यहां भूतों को खरीदा और बेचा जाता है।

स्थानीय व्यक्ति मोती लाल जैन की मानें तो मटियाभूत करीब तीन फिट का होता है, जो नाचते हुए आता-जाता है और जिसे खरीदना हो उसे यह मटियाभूत बेच दिया जाता है.ऐसा माना जाता है कि जो भी भूत खरीदता है वो मालामाल हो जाता है क्यूंकि वो भूत उसके बस में रहकर काम करता है.गाँव के कई लोगों का मानना है कि उन्होंने अपनी आँखों से भूत को नाचते हुए देखा है.


भूत बेचने वाले नारायण यादव का कहना है कि दुनिया में भूत होता है, अगर भूत नहीं होता तो हनुमान चालीसा में भूतों का उल्लेख क्यों होता? नारायण यादव ने कहा कि भूत का लेकिन कोई रंग-रुप नहीं होता है इसलिए हम उसे देख नहीं पाते. हालांकि नारायण यादव यह भी मानते हैं कि भूत लोगों के मन का भ्रम होता है.


मामले में पुलिस ने भूत की खरीदी-बिक्री करने वाले 3 युवको का गिरफ्तार किया है. मामले में जांच अधिकारी की मानें तो आरोपी नारायण यादव मटियाभूत बेचने की बात कह कर लोगों को ठगने का काम करता है. जबकि मटिया भूत जैसी कोई चीज नहीं है, उन्होंने कहा कि यह लोगों का सिर्फ अंधविश्वास ही है जो उन्हें ऐसे पाखंडियों के पास खींच लाता है. लोगों की यह गलत फहमी है कि मटियाभूत जैसी कोई चीज है जो लोगों को मालामाल करती है.