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उदंती के जंगलों में पाई जाती है विशालकाय उडऩ गिलहरी

एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर आसानी से उड़कर पहुंच जाती है यह गिलहरी

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उदंती के जंगलों में पाई जाती है विशालकाय उडऩ गिलहरी

उदंती के जंगलों में पाई जाती है विशालकाय उडऩ गिलहरी

मैनपुर. उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के जंगल में राजकीय पशु वनभैंसों के रहनवास के अलावा बाघ होने की जानकारी विभाग द्वारा समय समय पर दी जाती है। उदंती अभ्यारण में कई प्रकार के दुर्लभ और खूबसूरत जीव पाए जाते हैं, जिनमें से एक है इंडियन जायंट स्क्विरल यानी भारतीय विशाल गिलहरी यह विशाल गिलहरी भारतीय भूभाग की एंडेमिक यानी स्थानीय जीव है।
जानकारों के बताए अनुसार यह छत्तीसगढ़ में गरियाबंद जिले के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व सहित अन्य जिलों के जंगलों में पेड़ों के ऊपर घूमते और उछलते देखे जा सकते हैं। इसके आगे और पीछे के पैरों के बीच खाल की एक झिल्ली होती है यह एक पेड़ से दूसरे पेड़ में जाने के लिए अपने पैर फैलाकर कूद जाते हैं और उडऩे वाले पशु-पक्षियों की तरह दूर तक चले जाते हैं, लेकिन यह अपने पैर फैलाकर ग्लाइड करते हैं इसकी औसत लंबाई 80 से 100 सेंटीमीटर तक हो सकती है और इसका वजन डेढ़ से 2 किलो तक होता है। यह मुख्यत: पेड़ों के सबसे ऊंचे हिस्सों में रहते और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक छलांग लगाते पाए जाते हैं। यह गिलहरी शाकाहारी स्वभाव की होती है और एकल ही जंगलों में रहती है। वनों में इनका जीवनकाल लगभग 6 वर्ष का होता है। मिलन के दौरान इसका जोड़ा देखा जा सकता है और यह जंगलों के ऐसे स्थानों पर जहां पेड़ों के बड़ी-बड़ी टहनियां एक दूसरे से जकड़कर रहती हैं वहां पर अपने घोंसले बनाते हैं इनके घोसले भी अलग-अलग हिस्सों में होते हैं कुछ में वह खाना बटोरते हैं एवं कुछ में वे सोते हैं और कुछ अपने बच्चों को पालने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
इस गिलहरी का रंग लाल और भूरा होता है और इसके मुंह का हिस्सा एवं छाती का कुछ हिस्सा सफेद पीलापन लिए होता है। इनकी एक खास बात यह है कि जंगलों में फलों के बीजों को दूर-दूर तक पहुंचाते हैं जिससे कि जंगल बनते और बढ़ते हैं। इस विशाल गिलहरी को घूमने एवं घोसले बनाने बड़े पेड़ों की आवश्यकता होती है और यदि किसी जंगलों में बड़े पेड़ काट दिया जाए तो इनका रहना भी मुश्किल होता है। अथवा ऐसे खूबसूरत और दुर्लभ पाए जाने वाले जीव हेतु उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व एवं इनके आसपास के जंगल एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।