रायपुर. आपने एक हसीना दो दीवाने फिल्म तो देखी होगी। अगर किसी हसीना के पांच दीवाने हों तो? ऐसा ही हुआ शनिवार को सड्डू स्थित जनमंच में। हरिशंकर परसाई की व्यंग्य कथा पर आधारित एक लडक़ी पांच दीवाने नाटक का निर्देशन रचना मिश्रा ने किया। करीब पांच दशक पहले लिखी इस कथा की नायिका अपने सभी दीवानों के मन में प्यार का भ्रम पैदा करती है, लेकिन जब जीवन साथी चुनने की बारी आती है तो आज की आधुनिक युवती की तरह ही उस शख्स का चुनाव करती है जो जिंदगी में सैटल है। नाटक वर्तमान समय के प्रेम की दास्तां को दर्शाता है। नाटक एक ओर दर्शकों को गुदगुदाता है, साथ ही यह संदेश देता है कि लड़कियां लडक़ों की चापलूसी से नहीं उनकी काबिलियत से प्रभावित होती हैं। जिस प्रकार वर्तमान में लड़कियों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए आजकल लडक़े अजीबोगरीब हरकतें करते हैं। हाल यह होता है कि एक लडक़ी के कई दीवाने होते हैं और ये दीवाने अपने मन में प्रेमिका मान बैठे लडक़ी को इंप्रेस करने के लिए हर मुमकिन प्रयास करते हैं।