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Google Day: 21 के हुए गूगल अंकल, इसके बिना अधूरी है हम सबकी जिंदगी

Search Engine google: अब तो किसी भी (Google day) सब्जेक्ट पर बोलते वक्त स्पीकर भी कहने लगे हैं कि आपको चेक करना हो तो गूगल (Google born) कर लो

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Google Day: 21 के हुए गूगल अंकल, इसके बिना अधूरी है हम सबकी जिंदगी

Google Day: 21 के हुए गूगल अंकल, इसके बिना अधूरी है हम सबकी जिंदगी

रायपुर. किसी भी जानकारी के लिए ब्रेन में हल्का सा जोर लगाने से पहले ही हमें याद आते हैं गूगल अंकल। हालांकि (Googel day) गूगल की उम्र 21 साल की हुई है (Search Engine google) लेकिन उसकी कैपिसिटी के चलते अंकल कहलाने लगे। (google born date) अब तो किसी भी सब्जेक्ट पर बोलते वक्त स्पीकर भी कहने लगे हैं कि आपको चेक करना हो तो गूगल (Google born) कर लो।

4 सितम्बर यानि आज से 21 वर्ष पहले उस चीज का अविष्कार हुआ था जिसकी हमने कभी परिकल्पना नहीं की थी कि वह हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएगा। वर्ष 1998 सर्च इंजन गूगल का जन्म हुआ। जब गूगल को डवलप किया गया था तब इतना पता नहीं था कि हमारी सारी एक्टिविटी गूगल पर डिपेंड हो जाएगी। आज बिना गूगल के जीवन अधूरा सा लगता है। गूगल के जरिए ही एक क्लिक पर हमारी जिंदगी आसान हो जाती है। वहीं गूगल मैप के जरिए हम आज पूरे विश्व में कहीं भी जा सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार गूगल का इंडिया में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाता है। आज गूगल डे पर हमने शहर के युवाओं से जाना कि उनकी जिंदगी में गूगल कितना महत्त्व रखता है।

फायदेमंद एप है गूगल मैप

वैसे तो गूगल के सभी टूल कुछ न कुछ खासियत लिए हुए हैं। इनमें से एक है गूगल मैप। इसका एक फायदा यह भी है कि आप किसी मैप का एक सेक्शन डाउनलोड कर सकते हैं। आप अपनी बाइक या कार में किसी पुराने स्मार्टफोन को जीपीएस की तरह यूज कर सकते हैं। ऑफलाइन मैप्स सेक्शन में गूगल का टूल आपको इस एप को होरिजोंटल सेलेक्शन का विकल्प देता है। यह आपको बताता रहेगा कि कितना स्पेस इस्तेमाल किया जा रहा है। वाई-फाई से कनेक्ट होते ही डाउनलोड किया गया एप खुद ही अपडेट हो जाता है।

प्रोफेशन ईजी हुआ है वर्क

इंजीनियर राजेश कुमार बताते हैं कि गूगल की वजह से काम आसान हुआ है। हर एक चीज को गूगल मिनटों में कर देता है। जहां एक ओर वर्क ईजी हुआ है तो वहीं दूसरी ओर सर्च इंजन गूगल पर डिपेंसी बढ़ गई है। कहीं न कहीं यह हैबिट फ्यूचर में डिसएडवांटेज हो सकती है। वहीं कई बार गूगल पर फेक न्यूज आती है तो इसमें विश्वसनीयता का सवाल कम हो गया है।

एजुकेशन समय की बचत

स्टूडेंट इंद्रप्रकाश सिन्हा ने बताया कि स्टडी में गूगल का अहम योगदान है। आज इसके जरिए समय की बचत हुई है। पहले जहां एक टॉपिक को समझने के लिए कोचिंग या स्कूल में जाकर कंफ्यूजन सॉल्व करते थे आज गूगल के जरिए सब आसान हुआ है। वहीं लाइफ से जुड़ी चीजों को गूगल ने बखूबी बताया है। आज बिना गूगल के कोई काम आसान नहीं है।

कुछ टूल्स जो आपके काम के हैं

एक्सपर्ट मोहित साहू ने बताया कि गूगल के कई ऐसे टूल्स है जिसका यूज करके आप चाही गई जानकारी हासिल कर सकते हैं। मानलो आपको केबीसी से रिलेटेड पीपीपी या पीडीएफ चाहिए। इसके लिए आप केबीसी स्पेस के बाद फाइल टाइम और कोलोन का चिन्ह लगाकर पीपीटी या पीडीएफ लिख दें। रिजल्ट आपके सामने होगा। मानलो आपको किसी खास वेबसाइट से कॉन्टेंट देखना है तो इसके लिए साइट लिखने के बाद का कोलोन का चिन्ह लगाएं और उस स्पेसिक साइट का नाम लिखें जिसका कांटेंट चाहिए। इन दिनों सबसे ज्यादा फेक फोटो को लेकर इमेजेस डॉट गूगल का यूज किया जा रहा है। इसमें जाकर आप किसी भी फोटो को सर्च कर सकते हैं। इससे पता चल जाएगा कि वह फोटो कहां से ली गई है।

विज्ञापनों से बचें

मोहित ने बताया कि गूगल सर्च करते वक्त सावधानी भी जरूरी है। खासतौर पर ईकॉमर्स से रिलेटेड चीजों पर। हम जो भी प्रोडक्ट सर्च करते हैं तो टॉप में फोटो के साथ चीजें दिखाई देती है। उसे डायरेक्ट ओपन न करें। ये फर्जी भी हो सकती हैं। ज्यादातर ये विज्ञापन ही होते हैं।