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सरकारी स्कूल के इस छात्र ने कबाड़ के जुगाड़ से बनाए वैक्युम क्लीनर, लाइटर और एक्वेरियम एअरपंप

बिना मेंटर के सपनों की ओर कदम बढ़ा रहा नन्हा वैज्ञानिक

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सरकारी स्कूल के इस छात्र ने कबाड़ के जुगाड़ से बनाए वैक्युम क्लीनर, लाइटर और एक्वेरियम एअरपंप

बीटीआई ग्राउंड में आयोजित कॉम्पीटिशन में प्रोटोटाइप मॉडल के साथ अशोक।

ताबीर हुसैन @ रायपुर।नाम अशोक तांडी। क्लास नौवीं। स्कूल- शासकीय सरदार प्रीतम सिंह हायर सेकंडरी श्याम नगर। खासियत- बिना मेंटर के साइंस मॉडल बनाना। अशोक के पिता रिक्शा चलाते हैं, मां दूसरों के घर काम करती है और बेटा कबाड़ के जुगाड़ से सांइस मॉडल तैयार कर रहा है। अब तक आपने कई छात्रों का इनोवेशन पढ़ा होगा। हाल ही में नेशनल साइंस एग्जीबिशन में स्टूडेंट्स ने कमाल के सांइस मॉडल एग्जीबिट किए। लेकिन ये सारी उपलब्धियां व्यक्तिगत नहीं थी। सभी ने मेंटर के जरिए अपना टैलेंट दिखाया था जबकि अशोक को न तो किसी ने गाइड किया और न सपोट। इसलिए वह वेस्ट चीजों से अपने सपने बुन रहा है। गुरुवार को बीटीआई ग्राउंड में स्वदेशी मेले की ओर से वेस्ट से बेस्ट कॉम्पीटिशन आयोजित किया गया। यहां जूनियर साइंसटिस्ट अशोक ने उपयोगी मॉडल से जज को वाह कहने पर मजबूर कर दिया। सभी शाबाशी दिए जा रहे थे। अशोक उन्हें थैंक्स कहते हुए इससे भी बेहतर इनोवेशन का इमेजिनेशन कर रहा था।

पांचवीं क्लास से क्रिएटिविटी शुरू

अशोक ने बताया क पांचवीं क्लास से साइंस की दुनिया में इंट्रेस्ट आया। पहली बार वेस्ट आयटम से एक गाड़ी बनाई थी। टीवी में एक प्रोग्राम देखा जो साइंस पर आधारित था। उसमें अनुपयोगी वस्तुओं से वैज्ञानिक सोच पर ऐसी चीजें बनाई गईं जो कम खर्च पर तैयार हो सकती हैं और घरेलू यूज की हों। तबसे मैंने इस ओर ध्यान देना शुरू किया। ऐसी दुकान तलाशी जहां खिलौनों की मोटर बेकार पड़ी हो ताकि दुकानदार खेलने के लिए तीन-चार रुपए में दे दे। अशोक ने बताया कि अब तक करीब 300 छोटे मॉडल बना चुका हूं। रिक्शा चलाते हैं बाई घर में काम बिना किसी मेंटर के

ये प्रोटोटाइप मॉडल बनाए
5 रुपए में वैक्यूम क्लीनर:रोड पर मिली खाली बोतल, 5 रुपए का खिलौने में लगने वाला मोटर और पंखा। इससे कचरा अंदर खिंचाता है। हवा बाहर से निकल जाती है। तब कचरा फेंकना हो तो बोतल को उलट देते हैं।
5 रुपए एक्वेरियम एअरपंप: एक्वेरियम में मछलियों को ऑक्सीजन देने के लिए एअर पंप। इसमें प्लास्टिक का ढक्कन, पेन की खाली रिफिल और खिलौने की मोटर। इसके जरिए हवा एक्वेरियम में जाती है। नो कॉस्ट लाइटर: यूज होने के बाद की इंजेक्शन सीरींज। इसमें किसी खराब लाइटर का सामने छोटा सा हिस्सा लगाया।
किसानों के लिए ट्रैक्टर- ढक्कन और खेती के लिए काम आएगा। किसान घर में बैठे-बैठे ही कर सकता है जोताई.