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CAA और NRC मामले में देश के कुछ लोग कर रहे हैं भ्रम फैलाने का काम – राज्यपाल

देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के खिलाफ आम जनता और विपक्षी पार्टियां सड़कों पर उतरी हुई हैं । राजधानी दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में भी प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया ।  

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रायपुर. CAA और NRC पर मचे सियासी घमाशान और दंगो के बारे में बात करते हुए छत्तीसगढ़ की राजयपाल अनुसुइया कहना है कि लोगों में बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है।उनका कहना है कि 'देश में कुछ लोग भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। उपद्रव और हिंसा ठीक नहीं, हिंसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए' ।

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देश के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के खिलाफ आम जनता और विपक्षी पार्टियां सड़कों पर उतरी हुई हैं । राजधानी दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में भी प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया । विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ये कानून संविधान का उल्लंघन करता है और भारत की मूल भावना के खिलाफ है।

सरकार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी, जैन और बुद्ध धर्मावलंबियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। इसमें मुलिम धर्म के लोगों को शामिल नहीं किया गया है।

वहीं असम में लागू होने जा रहे NRC लिस्ट में उन्हें ही जगह दी गई जिन्होंने साबित कर दिया कि वो या उनके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत आकर बस गए थे। शेष लोगो को या तो जेल भेजा जाएगा या उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा।

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