
MBBS Student: छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में एमबीबीएस पास छात्रों को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने पर हर माह 15 हजार रुपए से ज्यादा स्टायपेंड दिया जा रहा है। शासन के आदेश के बाद इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने सभी मेडिकल कॉलेजों को आदेश भी जारी कर दिया है। इंटर्नशिप एक साल का होता है। इस हिसाब से एक छात्र को सालभर में 1.8 लाख रुपए से ज्यादा स्टायपेंड मिलेगा।
प्रदेश में विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर 60 से ज्यादा छात्र लौटते हैं। ये विदेश में इंटर्नशिप करने के बजाय प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करते हैं। पिछले साल फरवरी में रूस व यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध के कारण कई छात्रों की एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे छात्र, जिनका एमबीबीएस कोर्स पूरा नहीं हुआ है, वे इंटर्नशिप नहीं कर सकते।
एनएमसी के आदेश के बाद प्रदेश में विदेश से एमबीबीएस पढ़े 539 छात्रों को इंटर्नशिप करने की अनुमति मिली थी। हालांकि अभी इससे आधे छात्र ही इंटर्नशिप कर रहे हैं। पुराने कॉलेजों में कम व जहां इंटर्नशिप शुरू नहीं हुई है, वहां एमबीबीएस सीटों के बराबर इंटर्नशिप की अनुमति दी गई है। इंटर्नशिप के बाद पीजी की तैयारी एक साल का इंटर्नशिप पूरा करने के बाद छात्र प्री पीजी की तैयारी करते हैं।
पिछले 23 साल का ट्रेंड रहा है कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले कम छात्र ही पीजी के लिए चयनित हो पाते हैं। अब तक केवल 12 से 13 छात्र मुश्किल से पीजी कर पाएं हैं। विशेषज्ञ इसका कारण कठिन कोर्स को मानते हैं। यूक्रेन, किर्गिस्तान या बीजिंग में एमबीबीएस का कोर्स भारत से अलग है। छात्र इसकी ढंग से तैयारी नहीं कर पाते और प्री पीजी पास नहीं कर पाते। ऐसे में निजी अस्पतालों में ही सेवाएं देते देखे गए हैं। कुछ छात्र ही सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर यानी रेसीडेंट के बतौर सेवाएं दे रहे हैं।
प्रदेश या दूसरे राज्यों से एमबीबीएस कर लौटे इंटर्नशिप करने वाले छात्रों ने पिछले साल हड़ताल की थी। इसके बाद शासन ने स्टायपेंड 12500 से बढ़ाकर 15300 रुपए कर दिया है। यही नहीं इंटर्न के स्टायपेंड के अलावा पीजी छात्रों का भी स्टायपेंड बढ़ाया गया है। पहले उन्हें 53 से 57 हजार मिलता था। अब 63 से 75 हजार रुपए हर माह स्टायपेंड दिया जा रहा है। हालांकि यह एम्स की तुलना में कम है, लेकिन दूसरे राज्यों की तरह ही है।
छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेज कोरबा में एमबीबीएस के 125 सीटों पर प्रवेश लिया जाना है। इसके लिए काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई। विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद केंद्रीय और राज्य के आरक्षित सीटों के आधार पर प्रावीण्य सूची जारी की जाएगी। प्रवेश की प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू होगी। यहां पढ़े पूरी खबर…
फीस विनियामक कमेटी ने दो नए निजी मेडिकल कॉलेज रावतपुरा नवा रायपुर व अभिषेक भिलाई में संचालित एमबीबीएस कोर्स की अंतरिम फीस तय कर दी है। छात्राें को सालाना 7.45 लाख रुपए देना होगा। ये फीस तीन साल के लिए तय की गई है। यहां पढ़े पूरी खबर…
Updated on:
25 Aug 2024 12:37 pm
Published on:
25 Aug 2024 10:03 am
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