
सफर में मुसीबत में काम आता है ये एेप, रेल यात्री एेसे लें इसका लाभ, जानें इसकी खासियत
रायपुर/बिलासपुर. ट्रेनों में बढ़ती वारदात पर अंकुश लगाने और यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक और नई पहल की है। इसके तहत अब कोई भी मोबाइल पर जीआरपी ऐप डाउनलोड कर या फिर टोल फ्री नंबर पर ट्रेन के भीतर से ही सीधे शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलने पर जीआरपी यात्री से संपर्क करके उसकी समस्या का समाधान करेगी।
ट्रेन में सफर के दौरान यदि कोई वारदात हो जाए तो पीडि़त को शिकायत दर्ज कराने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। आरक्षक से लेकर थाना प्रभारी तक गुहार लगानी पड़ती है। कई बार जीआरपी या आरपीएफ के जवान केवल शिकायत लेकर चलता कर देते हैं। ऐसी लगातार शिकायतों को देखते हुए अब जीआरपी ने एक ऐप लॉन्च किया है। इसे 'जीआरपी ऐप' का नाम दिया गया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
खबर मिलने पर पहुंचेगा नजदीकी स्टेशन का स्टाफ
ऐप के जरिए शिकायत मिलने पर शीघ्र ही नजदीकी जीआरपी थाने या चौकी में पदस्थ स्टाफ संबंधित ट्रेन में पीडि़त यात्री से संपर्क करेगा। जीआरपी यथासंभव समस्या का समाधान करेगी, या फिर ट्रेन में ही शिकायत दर्ज कर पावती देगी।
टोल फ्री नंबर पर भी कर सकते हैं शिकायत
ऐप के अलावा यात्री टोल फ्री नंबर पर जीआरपी से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नंबर ९४७९१९१७३ जारी किया गया है। इसके माध्यम से वाट्सऐप ग्रुप या फिर मैसेज करके जीआरपी से सीधे शिकायत दर्ज कराई सकती है। इसके माध्यम से यात्री आपराधिक गतिविधियों की सूचना दे सकते हैं।
देश में कहीं भी कर सकते हैं शिकायत
जीआरपी ऐप के माध्यम से कोई भी, कहीं से भी अपनी शिकायत इस हेल्पलाइन नंबर पर कर सकता है। ऐप में ऐसे फीचर बनाए गए हैं, जिससे संबंधित क्षेत्र के अधिकारी या थाना प्रभारी का नंबर शो होगा। इससे मैसेज या वाट्सऐप के जरिए शिकायत की जा सकती है।
प्रचार के लिए लगाए गए स्टीकर-पम्पलेट
जीआरपी ऐप लोगों तक सीधे पहुंच सके इसके लिए रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में स्टीकर ओर पंपलेट लगाकर ऐप और हेल्पलाइन नम्ंबर का प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
सेंट्रल स्तर पर बना है कंट्रोल रूम
ऐप की निगरानी सेंट्रल स्तर पर की जाएगी। इसके लिए एक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जिसकी निगरानी आईपीएस स्तर के अधिकारी करेंगे।
वीडियो अपलोड की भी सुविधा
वाट्सऐप में जितने भी फंक्शन हैं, वह इस जीआरपी ऐप में भी काम करेंगे। इसके माध्यम से वीडियो कॉल या वीडियो अपलोड करके भी शिकायत की जा सकती है।
एसआरपी मिलना कुर्रे ने कहा कि पीडि़त यात्रियों की शिकायत होती है कि जीआरपी उनकी फरियाद नहीं सुनती या कई बार उन्हे चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसे देखते हुए और विभाग के काम में पारदर्शिता लाने के लिए देश स्तर पर ऐप की सुविधा प्रदान की गई है।
Published on:
30 Apr 2018 03:14 pm
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