
GST: नवरात्र और जीएसटी की छूट, पहले दिन 70 करोड़ का कारोबार
छोटी दुकानों में पुरानी दर और शॉपिंग मॉल एवं बड़ी दुकानों के साथ होलसेल बाजार में मिली छूट के चलते पहले दिन जमकर खरीदी हुई। नए स्लैब के चलते रायपुर जिले में 70 करोड़ और प्रदेश भर में करीब 160 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। इसमें सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक, कपड़ा और घरेलू उपयोग का सामान और ग्रोसरी शामिल है।
नवरात्र के पहले दिन सोमवार को हर सेक्टर में उम्मीद से ज्यादा ग्राहकी को देखते हुए कारोबारी भी खुश हैं। उनका कहना है कि इस बार नवरात्र में 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हो सकता है। ग्राहकों को लुभाने के लिए छूट के साथ आकर्षक गिफ्ट, हैंपर स्क्रैच कॉर्ड और इनामी कूपन भी दिए जा रहे हैं।
साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, जीवन रक्षक दवाइयां, डायग्नोस्टिक किट, चिकित्सा उपकरण, डेयरी प्रोडेक्ट, पैकेज्ड फूट में घी, मक्खन, पनीर को 5 और शून्य फीसदी कर दिया गया है। दोपहिया, कार, फ्रिज, एसी, वाशिंग मशीन, मिक्सर सहित अन्य सामान को 18 से घटाकर 12 फीसदी किया गया है। इसके चलते खरीदारों को कीमतों में 10 फीसदी तक का लाभ मिल रहा है।
तेजराम साहू ने बताया कि जीएसटी स्लैब के कम होने पर दैनिक उपयोग के सामान की जमकर खरीदी की। हर प्रोडेक्ट पर जीएसटी की छूट का लाभ उसे मिला। जरूरत से ज्यादा सामान खरीदा। करीब 1500 रुपए का सामान खरीदने पर 100 रुपए की छूट मिली। नेहा साहू ने बताया कि कीमतें कम होेने के कारण अतिरिक्त सामान की खरीदी की। त्योहारी सीजन में सामान की कीमतें बढ़ने की आशंका के चलते ही दो महीने का सामान खरीद लिया। 3000 रुपए का सामान खरीदने पर 200 रुपए तक की छूट मिली। खास तौर पर शैम्पू और साबुन के साथ ही टूथपेस्ट की कीमत कम थी।
रिंग रोड स्थित होंडा कार शोरूम के मैनेजर विजय शुक्ला ने बताया कि छोटी घरेलू कार में टैक्स कम होने के कारण अच्छी ग्राहकी हुई। पहले ही दिन 5 कार की बुकिंग के साथ ही ग्राहकों को उसकी चाबी सौंपी। साथ ही स्कै्रच कॉर्ड में श्योर गिफ्ट भी दिया गया। खरीदी पर 30000 से 50 हजार रुपए की छूट ग्राहकों को मिली। शहर के एक बडे़ मार्ट में खरीदी करने पहुंचे अंकुश विश्वकर्मा ने बताया कि खरीदी करते समय कीमतों में अंतर देखने को मिला। खास तौर पर डेयरी प्रोडेक्ट पर सबसे ज्यादा छूट मिली। साबुन, वाशिंग पाउडर और कुछ अन्य सामान में छूट मिली है। इसे देखते हुए दैनिक जरूरत के सामान की खरीदी की।
जीएसटी रिफॉर्म में कारोबारियों और निर्माताओं को बड़ी राहत दी गई है। उन्हें अब पुराने के साथ नया एमआरपी नहीं लिखना लिखना पडे़गा। चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के उपाध्यक्ष चेतन तारवानी ने बताया कि 9 सितंबर के सर्कुलर के अनुसार कारोबारियों को पुराना और नया एमआरपी दोनों दिखाना अनिवार्य था। लेकिन, 18 सितंबर के संशोधन में इसे ऐच्छिक कर दिया गया है। कारोबारी चाहे तो नया एमआरपी लगा सकते हैं। लेकिन, निर्माता और पैकिंग करने वाले व्यापारी अपने रिटेल डीलर्स को पत्र या सर्कुलर के माध्यम से नई दरों की जानकारी अवश्य देंगे। पुराने स्टाक को 31 मार्च 2026 कर विक्रय कर सकते हैं।
Updated on:
23 Sept 2025 12:33 am
Published on:
23 Sept 2025 12:33 am
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