26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रायपुर
सोसाइटी में जैसा होता हैं अगर वो मूवी में  दिखाया जा रहा है तो इसमें कोई गलत बात नहीं
Play video

सोसाइटी में जैसा होता हैं अगर वो मूवी में दिखाया जा रहा है तो इसमें कोई गलत बात नहीं

बॉलीवुड में एक नया एक्सपेरिमेंट का दौर जा चलने लगा
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Chandu Nirmalkar

•

Updated: 23 Aug 2018, 6:04 PM IST

रायपुर. इंडियन सिनेमा का टेस्ट और कल्चर दोनों बदल रहा है या फिर एक्सपेरिमेंट का नया दौर चलने लगा है। पत्रिका हल्लाबोल के एपिसोड: 312 में युवाओं ने इस बात पर चर्चा किया की क्या सच में राष्ट्रवाद की फिल्मों को पसंद किया जा रहा है या फिर बॉलीवुड में एक नया एक्सपेरिमेंट का दौर जा चलने लगा हैं।

अंजलि सिंह जो अभी मास्स कम्युनिकेशन की पढाई कर रही हैं उनका मानना है कि सोसाइटी में जैसा होता हैं अगर वो मूवी में दिखया जा रहा है तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। फिल्म समाज का आइना होते है जैसा देश में होता है या फिर पर्टिकुलर सेक्शन ऑफ़ सोसाइटी में होता हिअ वैसा मूवी में देखने को मिलता है और इस बात से हम मुकर नहीं सखते।