
रायपुर . राजधानी के मोवा क्षेत्र में पीलिया का प्रभाव कम नहीं हो रहा है और अब चंगोराभाठा स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में दूषित पेयजल की सप्लाइ के बाद पीलिया के 9 मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। रविवार को स्वास्थ्य अमले ने इस इलाके में पहुंचकर 26 संदिग्ध मरीजों के खून के नमूने लिए गए। पूरे शहर में अब तक 255 लोगों के खून के नमूने लिए गए, जिसमें से 98 पीलियाग्रस्त पाए गए।
घरों में सप्लाई किए जा रहे गंदा पानी बोतलों में भरकर बाहर आ गए, तब आनन-फानन में वार्ड पार्षद ने निगम और स्वास्थ्य अमले को इसकी सूचना दी। इससे पहले मोवा (कांपा) के शीतलापारा, नेहरू पारा, पांडे पारा, प्रेमनगर, राम नगर, तेलीपारा,नयापारा, चंगोराभाठा के बीएसयूपी कॉलोनी, शिव नगर, अटल आवास में पीलिया की शिकायत के बाद निगम और स्वास्थ्य अमले में खलबली मच गई है।
रविवार को पत्रिका टीम को चंगोराभाठा के बीएसयूपी कॉलोनी निवासी रेखा धनकर, पूजा यादव, बसंत सोनी, मनोज यादव और शंकर यादव ने बताया कि यहां पखवाड़े भर से नलों में गंदा, बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है। इसी वजह से पीलिया फैल रहा है।
मोवा में 147 से ज्यादा लोगों के सेंपल लिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट के अनुसार 76 लोग पीलियाग्रस्त पाए गए हैं। नगर निगम के अफसरों ने बताया कि वे मोवा, रामनगर, नयापारा और बीएसयूपी कॉलोनी में पानी की जांच करा रहे हैं। नगर निगम में जल विभाग के चेयरमैन नागभूषण राव ने कहा कि मोवा में पुराने पाइपलाइनों को बदला जा रहा है।
नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. रोहित यादव ने शनिवार को पीलियाग्रस्त इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान एक गर्भवती को पीलिया होने की जानकारी मिली। इस पर उन्होंने तत्काल 108 एम्बुलेंस के जरिए महिला को अंबेडकर अस्पताल भिजवाया।
जिला महामारी नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. आरके चंद्रवंशी ने बताया कि क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है। अब तक किसी की मौत की जानकारी नहीं मिली है। प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध मरीजों का ब्लड सैंपल लेने के निर्देश स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं।
Updated on:
02 Apr 2018 11:44 am
Published on:
02 Apr 2018 09:59 am
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