
तोमर बंधुओं ( Photo - Patrika )
Tomar Bandhu: हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं को पुलिस अब तक पकड़ नहीं पाई है। इसी बीच हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए पुलिस की याचिका को मंजूरी दे दी है। बता दें कि सूदखोर हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं की संपत्ति कुर्की की याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, हाईकोर्ट ने 4 प्रॉपर्टी की कुर्की के लिए रायपुर कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा है। साथ ही फरार चल रहे तोमर बंधुओं के खिलाफ उद्घोषणा की अंतिम तारीख कल तय की गई है। फैसला लेते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर कल तक आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो उनकी संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वहीं रायपुर पुलिस का कहना है कि शहर में सूदखोरी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल तोमर बंधुओं को हर हाल में गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वीरेंद्र और रोहित के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 12 अपराध दर्ज हैं। हाल ही में तेलीबांधा इलाके में एक रेस्टोरेंट में प्रॉपर्टी डीलर की जमकर पिटाई की थी। रोहित ने अपने बाउंसरों के साथ मिलकर उसकी जान लेने की भी कोशिश की थी। इस गुंडागर्दी के बाद पुलिस सक्रिय हुई।
वीरेंद्र, रोहित सहित दोनों की पत्नी, भतीजे के खिलाफ तेलीबांधा और पुरानीबस्ती थाने में कर्ज देकर ब्याज के नाम पर अधिक वसूली, ब्लैकमेलिंग, जमीन हथियाने, धमकाने, आर्म्स एक्ट आदि के 7 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में दोनों भाई फरार चल रहे हैं। पुलिस ने दोनों पर इनाम घोषित कर रखा है। पिछले कुछ माह से रोहित लगातार गुंडागर्दी कर रहा था।
वर्ष - आरोप
शहर के कई बड़े नेताओं से सूदखोर वीरेंद्र के संबंध हैं। मंत्री, विधायक आदि के साथ उसके कई पोस्टर शहर में लगते थे। इसके चलते कर्ज लेने वाले इनसे भयभीत रहते थे और ब्याज के नाम पर जितना पैसा मांगते थे, उतना दे देते थे। थानों में शिकायत करने से भी डरते थे।
आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर और उसके भाई रोहित तोमर के खिलाफ अलग-अलग थानों में हत्या, ब्लैकमैलिंग, धोखाधड़ी, गुंडागर्दी, वसूली जैसे कई अपराध दर्ज हैं, लेकिन किसी भी मामले में दोनों को सजा नहीं हुई है। यह सोचने वाली बात है कि इतने अपराध दर्ज होने के बाद किसी में सजा ही नहीं हुई है। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या इनके मामलों की सही ढंग से जांच नहीं हुई? पुलिस के चालान में खामियां रह जाती हैं? या गवाहों को डराया-धमकाया जाता है? क्या उन्हें बयान देने से रोका जाता है?
Updated on:
17 Aug 2025 02:59 pm
Published on:
17 Aug 2025 02:59 pm
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