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हिट एंड रन में रायपुर जिला प्रदेश में सबसे आगे, राज्य में रोजाना हो रही दो से तीन घटनाएं

दूसरे स्थान पर बिलासपुर में 66 और तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिले में 53 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जबकि नारायणपुर में सबसे कम 3 और नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंतागढ़ चौकी, सक्ती और मनेन्द्रगढ़-चिरीमिरी-भरतपुर में हिट एंड रन का एक भी प्रकरण नहीं हुआ।

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रायपुर . राज्य में सडक़ हादसों के साथ ही रायपुर जिला हिट एंड रन के मामले में सबसे आगे है। पिछले 11 महीनों में कुल 860 प्रकरण पुलिस द्वारा दर्ज किए गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 130 प्रकरण रायपुर जिले के शामिल हैं। वहीं दूसरे स्थान पर बिलासपुर में 66 और तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिले में 53 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जबकि नारायणपुर में सबसे कम 3 और नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंतागढ़ चौकी, सक्ती और मनेन्द्रगढ़-चिरीमिरी-भरतपुर में हिट एंड रन का एक भी प्रकरण नहीं हुआ। राज्य पुलिस का कहना है कि ठोकर मारकर फरार होने और समय पर उपचार नहीं मिल पाने के कारण 860 प्रकरण में 897 लोगों की मौत और 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस द्वारा अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया। बता दें कि राज्य में पिछले 11 महीनों में सडक़ हादसों में 10057 में करीब 5000 लोगों की मौत और 10500 से ज्यादा घायल हुए हैं।

हर 6वां प्रकरण रायपुर जिले में
राज्य पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हर 6वां प्रकरण रायपुर जिले हो रहा है। वहीं प्रदेश में रोजाना औसतन 2 से 3 हिट एंड रन की घटनाएं हो रही है। वाहन चालक लापरवाहीपूर्वक तेज रफ्तार वाहन वाहन से ठोकर मारने के बाद पकड़े जाने के डर अपनी वाहन सहित फरार हो रहे है। इस तरह के प्रकरण सबसे ज्यादा आउटर के इलाके में हो रहे हैं। इसके चलते अधिकांश वाहन चालक पकड़े ही नहीं जाते।

पिछले 11 महीनों में कुल 860 हिट एंड रन के प्रकरण दर्ज
जिला -- प्रकरण- मौत
रायपुर -- 130 -- 137
बिलासपुर-- 66 -- 69
रायगढ़ -- 63 -- 64
जांजगीर-चांपा -- 53
महासमुंद -- 50 -- 54

राहत का मरहम
एआईजी ट्रैफिक संजय शर्मा ने बताया कि हिट एंड रन के प्रकरण में घायल को अधिकतम 50000 और मौत होने पर 2 लाख तक दिया जाता है। स्थानीय कलेक्टर के पास पीडि़त के परिवार वालों द्वारा आवेदन करने पर इसकी जांच की जाती है। साथ ही पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण और उनके प्रतिवेदन के आधार पर राहत राशि तय की जाती है।

मोटर साइकिल सवार की मौत
आरंग के पास पारागांव स्थित निमदा मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने 27 नवंबर की दोपहर करीब 3 बजे पवन चंद्राकर (34) वर्ष को ठोकर मारकर फरार हो गया। घटना के बाद उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घर लौटते समय हुई घटना
अभनपुर के पास 2 दिसंबर की रात करीब 11 बजे मोटर साइकिल सवार खुमेश्वर नौरंग (25) कुरूद जिला धमतरी निवासी को अज्ञात वाहन चालक ठोकर मारकर फरार हो गया। घटना के 2 घंटे बाद रात करीब 1 बजे पुलिस पहुंची। लेकिन, तब तक उसकी मौत हो गई थी।

पैदल सवार को कुचला
टाटीबंद निवासी श्याम पाठक (23) अपने निजी काम से धरसींवा आया था। 1 दिसंबर को सडक़ के किनारे पैदल चलते समय शाम 5.45 बजे अज्ञात वाहन ने उसे ठोकर मारा। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद उसे स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। धरसींवा पुलिस ने घटना के 4 दिन बाद अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।