
अगर आप भी Ph.D करने के लिए अपनाते हैं ये तरीका, तो रद्द हो सकती है आपकी डिग्री
रायपुर. छत्तीसगढ़ के डागा कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर मधुलिका चौबे की पीएचडी डिग्री निरस्त हो सकती है। पीएचडी करने के लिए नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर डिग्री को अमान्य किया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन की ओर से पुलिस को मिले शिकायत पत्र में बिना अनुमति के पीएचडी करना दंडनीय माना है। इससे उनकी पीएचडी की डिग्री को निरस्त किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस ने मधुलिका के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस को अभी बिलासपुर कॉलेज में उपस्थिति रजिस्टर मिला है। रायपुर के डागा कॉलेज में उपस्थिति का रजिस्टर नहीं मिला है। सोमवार को पुलिस डागा कॉलेज प्रबंधन से उपस्थिति रजिस्टर की मांग करेगा। मामले में अब तक आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
मौदहापारा पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर मधुलिका चौबे के खिलाफ अपराध दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। डागा कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को बिलासपुर कॉलेज का उपस्थिति रजिस्टर दिया है, लेकिन रायपुर के कॉलेज संबंधित कोई भी दस्तावेज अभी नहीं दिया है। सोमवार को यह दस्तावेज जब्त किया जाएगा। इसमें डागा कॉलेज में उपस्थिति रजिस्टर, वेतन आदि से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक मधुलिका ने वर्ष 2009 से 2013 बिलासपुर में रेग्युलर पीएचडी किया था। उस दौरान 222 दिन की उनकी उपस्थिति है। इस दौरान वह रायपुर के डागा कॉलेज में भी नियमित रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने कॉलेज से वेतन लिया। पीएचडी के लिए कॉलेज प्रबंधन से अनुमति नहीं ली। इसे धोखाधड़ी मानते हुए कॉलेज प्रबंधन ने मधुलिका के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है।
रायपुर के मौदहापारा के थाना प्रभारी डागा उत्तम साहू ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन से सोमवार को सभी दस्तावेज लिए जाएंगे। कॉलेज में संबंधित कार्यालय को सील कर दिया गया। पुलिस केवल धोखाधड़ी करके वेतन लेने के मामले की जांच करेगी। डिग्री संबंधित मामला उच्च शिक्षा विभाग का है।
Published on:
02 Jul 2018 12:27 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
