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लीज एरिया से हटकर खुलेआम कर रहे रेत का अवैध उत्खनन

बरसात के लिए किया जा रहा रेत भंडारण, सड़कों की स्थिति हो रही खराब  

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लीज एरिया से हटकर खुलेआम कर रहे रेत का अवैध उत्खनन

लीज एरिया से हटकर खुलेआम कर रहे रेत का अवैध उत्खनन

कोरदा (लवन). सत्ता बदल गई, समय बदल गया, लेकिन माफियाओं का राज बरकरार है। नदी से रेत का अवैध उत्खनन भाजपा राज में भी होता था और अब कांग्रेस राज में भी बदस्तूर जारी है, बल्कि यह काला कारोबार अब और तेज हो चला है। रेत माफियाओं के हौसले बुलंद है। लवन तहसील क्षेत्र के ग्राम अमलडीहा में रेत का उत्खनन जोरों पर चल रहा है। उत्खनन कर जमकर कमाई की जा रही है।
क्षेत्र के नदी में जिस तरह से बेखौफ होकर रेत का उत्खनन किया जा रहा है, इसके चलते वह दिन दूर नहीं जब नदी के बहाव ही बदल सकती है। इसका खामियाजा नदी किनारे बसे गांव भालूकोना, तुरमा, अमलडीहा, डोंगरीडीह, सिंघारी, नारायणपुर सहित अन्य गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ सकता है।
इस बात की परवाह रेत माफियाओं को नहीं है। आश्चर्य की बात है कि लगभग सभी जगहों पर खनिज विभाग की नाक के नीचे रेत का उत्खनन व रेत का स्टोरेज रेत माफियाओं द्वारा बदस्तूर जारी है। फिर भी विभाग द्वारा कार्रवाही नहीं की जा रही है। इसका फायदा उठाते हुए रेत ठेकेदार की मनमानी जारी है। कहीं पर भी लीज एरिया से हटकर खुलेआम रेत का उत्खनन किया जा रहा है। रेत घाट अमलडीहा से इन दिनों दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन जमकर किया जा रहा है। अधिकारियों की मिली भगत से बिना रायल्टी के खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। रेत निकालने के लिए जहंा ढाई फीट की अनुमति है। इसके बावजूद 7 से 10 फीट तक खुदाई की जा रही है। शासन द्वारा निर्धारित दर सूची से 8-10 गुना रेत की कीमत वसूल की जा रही है। वहीं, रेत माफिया चितावर मुख्य मार्ग पर बरसात के सीजन के लिए नियम विरूद्व तरीके से
शासन को हो रही लाखों की राजस्व क्षति
रेत माफिया लीज क्षेत्र से हटकर नारायणपुर क्षेत्र में उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। इससे शासन को लाखों रुपए की राजस्व क्षति हो रही है। साथ ही महानदी का अस्तित्व भी खतरे में जा रहा है। तीन वर्ष पहले लाखों-करोड़ों रुपए की लागत से भालूकोना, तुरमा मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई थी, जो अभी वर्तमान में रात-दिन क्षमता से अधिक रेत वाहन चलने से सड़क की हालत दयनीय हो गई है।
जैसे ही जानकारी मिलती है, पहुंचकर कार्यवाही करते हैं, फिर भी लीज से हटकर रेत खनन कार्य किया जा रहा है तो दिखवाता हूं।
एम चंद्रशेखर, खनिज अधिकारी, जिला बलौदाबाजार
शासन द्वारा जिस जगह को चिन्हाकिंत कर ठेके पर दिया गया हैए उसी जगह पर उत्खनन होना चाहिए।
युवती वर्मा, जनपद सदस्य, जनपद पंचायत, बलौदाबाजार