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अवैध गुटखा फैक्ट्री का हुआ खुलासा, टीम पहुंची छापा मारने तो माल गायब

Raipur News: राजधानी में गुटखा का अवैध कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। इसी तरह का मामला भनपुरी के इंडस्टि्रल एरिया का सामने आया है।

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Illegal gutkha factory exposed Raipur news

अवैध गुटखा फैक्ट्री का हुआ खुलासा, टीम पहुंची छापा मारने तो माल गायब

रायपुर। Chhattisgarh News: राजधानी में गुटखा का अवैध कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। इसी तरह का मामला भनपुरी के इंडस्टि्रल एरिया का सामने आया है। उरला में तुलसी पटेल के गोदाम में 3 नामी ब्रांड का नकली गुटखा बनाने की शिकायत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को हुई थी। इससे पहले की टीम पहुंचती, शातिर तस्करों ने करोड़ों का गुटखा और बनाने की मशीन गायब कर दी।

खाद्य विभाग गुटखा माफियाओं के नए ठिकाने को तलाश रही है। बता दें कि उरला इलाके में तुलसी पटेल का बड़ा गोदाम है। यहां मध्यप्रदेश छिंदवाड़ा के 15 मजदूरों को रखकर तंबाखू, पाउडर और कैमिकल मिलवाया जाता था। इसके बाद इसे ब्रांडेड गुटखा के पैकेेट में भरकर प्रदेश भर में सप्लाई किया जा रहा था। गुटखा बनाने का काम देर रात चलता था। दिन में लेबर सोते थे, जिससे आसपास के लोगों को इस अवैध फैक्ट्री की भनक न लग पाए। मामला बीते सप्ताह का है। यहां पर एक अवैध गुटखा फैक्ट्री होने की जानकारी खाद्य विभाग के आला अधिकारियों को देर रात हुई थी। दिन में जब खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो पूरा परिसर खाली कर दिया गया था।

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बिना एग्रीमेंट के दे दिया गोदाम!

यहां काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि बीते 9 माह पहले फैक्ट्री शुरू हुई थी। मजदूरों को सुपरवाइजर बबलू सितार, लाला बजाज नाम का सुपरवाइजर छिंदवाड़ा से लाया था। विशाल नाम का व्यक्ति फैक्ट्री चलाता था। बता दें कि जब गोदाम के मालिक तुलसी पटेल एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान से जुड़े हुए हैं। उनसे इस संबंध में जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि जब से उन्होंने गोदाम को किराए पर दिया है, लेकिन क्या काम चल रहा था यह जानकारी नहीं। किसी तरह का रेंट एग्रीमेंट भी नहीं बनाया गया था।

कहां से लीक होती है सूचना

खाद्य विभाग ने बीते 1 साल में चार से ज्यादा जगहों पर गुटखा का स्टॉक और फैक्ट्री पर कार्रवाई की है। चौंकाने वाली बात यह है कि हर बार गुटखा बनाने वाले तस्करों तक विभाग के हाथ नहीं पहुंच पाते। कार्रवाई से पहले ही तस्कर फरार हो जाते हैं। इससे साफ है विभाग के लोगों द्वारा गुटखा बनाने वालों को पहले ही कार्रवाई की जानकारी मिलती है, जिससे अवैध कारोबार करने वाले फरार हो जाते हैं।

अवैध फैक्ट्री संचालन की सूचना मिली थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले परिसर खाली कर दिया गया था। नए स्पॉट का पता लगाया जा रहा है। गोदाम के मालिक से संचालक की जानकारी जुटाई जाएगी। - रमेश शर्मा, कंट्रोलर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन

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