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कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण ने दिया था अर्जुन को गीता उपदेश, जयंती पर हरे कृष्णा की धुन गूंजी

- बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर से निकली संकीर्तन यात्रा .

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रायपुर. कुरुक्षेत्र में जब कौरब और पंडावों की सेनाएं आमने-सामने थी, तब भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद् गीता का उपदेश अर्जुन को दिया था। मंगलवार का दिन राधाकृष्ण मंदिरों में श्रीमद् गीता जयंती उत्सव के नाम रहा। झांझ, मजीरे की धुन पर हरे कृष्णा, हरे कृष्णा की भक्ति में भक्त परिवार झूमे। इस अवसर पर शहर के बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर से हरे कृष्णा श्री श्री राधा रास बिहारी मंदिर इस्कॉन रायपुर की ओर से संकीर्तन यात्रा निकाली गई।

श्रीमद् गीता जयंती पर शहर के राधाकृष्ण मंदिरों में सुबह से अभिषेक, पूजन और आरती की गई। इस दिन मोक्षदा एकादशी की विशेष तिथि होने श्रद्धालुओं में खासा उत्साह था। भक्तिभाव और उल्लास से गीता जयंती में लोग शामिल हुए तथा संकीर्तन किया। संकीर्तन यात्रा में गीता के उपदेशों से अपने जीवन को कैसे सफल बनाएं गीता का बांटते हुए निकले। यह संकीर्तन कालीबाड़ी से शोभायात्रा एवं मंदिर के सेवक मंदिर के सेवक-सेविकाओं द्वारा हरे रामा हरे कृष्ण गाते, भक्तिरस में झूमते रहे।

चिंतन करें, चिंता का त्याग
एचएस सिद्धर्थ स्वामी ने बताया कि गीता के उपदेश में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि कभी भी व्यक्ति को व्यर्थ की चिंता नहीं करनी चाहिए। बल्कि चिंतन करना चाहिए। हर किसी को एक न एक दिन मरना है, परंतु आत्मा अमर है। इसलिए व्यर्थ की चिंता से मुक्ति होकर कर्म सही तरीके से करना चाहिए। दोपहर 2 बजे संकीर्तन यात्रा बूढ़ेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर लाखे नगर चौक, सुंदर नगर में शाम 5 बजे समाप्त हुई। प्रसाद का वितरण किया किया। इस यात्रा में इस्कान मंदिर के अध्यक्ष एचएस सिद्धार्थ स्वामी की अगुवाई में सैकड़ों लोग शामिल हुए।