Raipur News: आयकर विभाग की टीम ने रायपुर और जबलपुर के रियल एस्टेट, एक्सोप्लोसिव और सीए के 16 ठिकानों पर छापा मारा है।
रायपुर। Chhattisgarh News: आयकर विभाग की टीम ने रायपुर और जबलपुर के रियल एस्टेट, एक्सोप्लोसिव और सीए के 16 ठिकानों पर छापा मारा है। इसमें रियल एस्टेट कारोबारी ग्रुप के तीन संचालकों के भांठागांव, वीआईपी और मोआ स्थित घर, दफ्तर और कारोबारी के पार्टनर के देवेन्द्र नगर के घर, फाफाडीह के दफ्तर और उरला स्थित फैक्ट्री शामिल है। इस समय आईटी के अधिकारी दस्तावेजों और लेनदेन की जांच कर रहे है। छापे की यह कार्रवाई आयकर विभाग दिल्ली द्वारा की जा रही है। इसमें दिल्ली, मुंबई, नागपुर और रायपुर की 125 सदस्यीय टीम जांच कर रही है।
वहीं सुरक्षा के लिए 70 सीआरपीएफ क जवानों को तैनात किया गया है। बताया जाता है कि रियल एस्टेट से जुड़े एक कारोबारी ग्रुप के मुंबई स्थित हेड ऑफिस में पिछले काफी समय से टैक्स चोरी की जा रही थी। इसके इनपुट मिलने के बाद महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ स्थित कारोबारी ग्रुप से जुड़े तीन संचालकों, उनके करीबी पार्टनर और उनके सीए के ठिकानों पर छापामारा गया है।
कारोबारी ग्रुप के संबंध
महाराष्ट्र के मुंबई और नागपुर के साथ ही रायपुर में रियल एस्टेट कारोबारी द्वरा पिछले काफी समय से टैक्स चोरी की जा रही थी। साथ ही कारोबारी नुकसान बताकर लगातार कम रिटर्न जमा किया जा रहा था। इसके इनपुट मिलने के बाद छापा मार गया है।
जबलपुर के रियल इस्टेट कारोबारी के यहां भी दबिश
आयकर विभाग की टीम ने ग्रुप से जुड़े जबलपुर के एक कारोबारी ग्रुप के उरला स्थित फैक्ट्री के साथ ही देवेन्द्र नगर में छापा मारा गया है। इस समय उसके घर दफ्तर और उरला के एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में जांच चल रही है। बताया जाता है कि प्राथमिक जांच में टैक्स चोरी से संबंधित दस्तावेजी सबूत मिले हैं। कारोबारी द्वरा गोपनीय खाता बनाकर उसमें टैक्स चोरी का हिसाब रखने की जानकारी भी मिली है।
इलेक्ट्रानिक डिवाइस की जांच
आईटी की टीम अपने साथ विशेषज्ञों की टीम के साथ पहुंचे है। वह लैपटॉप, कम्प्यूटर, मोबाइल, पैन ड्राइव की जांच कर उसका डेटा रिकवर कर रहे है। साथ ही पिछले 5 साल के कारोबारी और लेनदेन के साथ उरला में विस्फोटक सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री के स्टॉक की जांच की जा रही है।
सड़क के रास्ते पहुंची टीम
आयकर विभाग दिल्ली की टीम फ्लाइट से नागपुर पहुंची। इसके बाद स्थानीय आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ सड़क के रास्ते गुरुवार को रायपुर पहुंची। यहां एक दिन रुकने के बाद कारोबारियों के ठिकानों को चिन्हांकित कर शुक्रवार की सुबह 6 बजे एक साथ छापामारा। बताया जाता है कि छापेमारी की जद में आने वाले कुछ कारोबारियों के छत्तीसगढ़ के साथ ही मध्यप्रदेश के बडे़ जनप्रतिनिधियों के साथ करीबी संबंध बताए जाते हैं।