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सेवानिवृत्ति की आयु 58 से 60 वर्ष करने पर 4 लाख श्रमिकों को मिला लाभ

प्रदेश के निजी क्षेत्र के कारखानों और संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों-कर्मकारों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष अर्थात दो वर्ष बढ़ाने से चार लाख से अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल रहा है

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सेवानिवृत्ति की आयु 58 से 60 वर्ष करने से चार लाख श्रमिकों को मिला लाभ

सेवानिवृत्ति की आयु 58 से 60 वर्ष करने से चार लाख श्रमिकों को मिला लाभ

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के निजी क्षेत्र के कारखानों और संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों-कर्मकारों की सेवानिवृत्ति की आयु दो बर्ष बढ़ाकर सराहनीय कदम उठाया है। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के निजी क्षेत्र के कारखानों और संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों-कर्मकारों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष अर्थात दो वर्ष बढ़ाने से चार लाख से अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ औद्योगिक नियोजन (नियोजन आदेश) अधिनियम 1961 के प्रावधान के तहत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया के निर्देश पर 5 अगस्त 2019 को असाधारण राजपत्र में इस आशय की अधिसूचना जारी की गई थी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1961 एवं छत्तीसगढ़ औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) नियम, 1963 ऐसे उपक्रमों (कारखाना, स्थापना, संस्थान या अन्य औद्योगिक इकाई) पर लागू है, जिनमें पूर्ववर्ती 12 माह के दौरान 30 या अधिक श्रमिक नियोजित होते हैं।
इस अधिनियम के अनुसार वर्तमान में कर्मचारियों एवं श्रमिकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष निर्धारित है। विभिन्न संगठनों द्वारा सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग की जाती रही थी। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में श्रम विभाग द्वारा किए गए संशोधन के परिणामस्वरूप प्रदेश के विभिन्न उपक्रमों, कारखानों, उद्योगों, संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी अब 58 वर्ष के स्थान पर 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति होंगे। 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति के पश्चात संबंधित उपक्रम के नियोजक उपक्रम के हित में संबंधित कर्मचारी की सेवाएं आवश्यक होने पर 62 वर्ष तक भी बढ़ा सकते है।