2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आयोडीन की कमी से गर्भपात का खतरा, मृत पैदा होते हैं बच्चे, इसलिए घर-घर होगी नमक की जांच

आयोडिन अल्पता से ग्रसित प्रदेश के 22 जिलों में साल्ट टेस्टिंग किट से किया जाएगा टेस्ट गर्भावस्था और बाल्यावस्था में आयोडीन की कमी विशेष रूप से हानिकारक।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Abhinav Murthy

•

Updated: 6 Oct 2022, 7:19 PM IST

photo_6195167163006956165_x.jpg

आयोडीन की कमी बौद्धिक अक्षमता का एक प्रमुख कारण है। गर्भावस्था के दौरान और बाल्यावस्था में आयोडीन की कमी विशेष रूप से हानिकारक होती है। इसे देखते हुए आयोडिन अल्पता से ग्रसित प्रदेश के 22 जिलों में घरों में उपयोग होने वाले खाद्य नमक में आयोडीन स्तर की जांच साल्ट टेस्टिंग किट के माध्यम से मितानिनों द्वारा समुदाय स्तर पर की जाएगी। जांच के परिणाम के आधार पर परिवारों को आयोडीन युक्त नमक के इस्तेमाल एवं सही रख-रखाव तथा आयोडीन अल्पता विकार के बारे में बताया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने बताया, आयोडीन की कमी का सर्वाधिक असर गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं को होता है। गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से गर्भपात, नवजात शिशुओं का वजन कम होना, शिशु का मृत पैदा होना और जन्म लेने के बाद शिशु की मृत्यु होने का खतरा रहता है। वहीं शिशु में आयोडीन की कमी से बौद्धिक और शारीरिक विकास संबंधी समस्याएं जैसे मस्तिष्क का विकास धीमा होना, शरीर का कम विकसित होना, बौनापन, देर से यौवन आना, सुनने और बोलने की समस्याएं और समझ में कमी आदि समस्याएं हो सकती हैं।

कई प्रकार के होते हैं रोग
डॉ. जैन ने बताया, आयोडीन अल्पता विकार एवं आयोडीनयुक्त नमक के सेवन के संबंध में जन-जागरूकता लाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। आयोडीन अल्पता विकार एवं आयोडीनयुक्त नमक व खाद्य पदार्थों के सेवन के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया आयोडीन की कमी से कई तरह के रोग होते हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए आयोडीन जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। इसके बावजूद लोगों को जानकारी नहीं होने की वजह से आयोडीन अल्पता विकार एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या बन गया है।

जागरुकता के लिए 21 से 27 अक्टूबर तक होंगे विविध कार्यक्रम
वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 से 27 अक्टूबर तक ‘‘वैश्विक आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस" मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न जागरूकता अभियानों का आयोजन प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में किया जाएगा। इन गतिविधियों के अंतर्गत आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों से बचाव के संबंध में जन-साधारण में जागरूकता लाने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी। आयोडीनयुक्त नमक की उपयोगिता व सभी आयु वर्ग में आयोडीन के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिला मुख्यालय सहित सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आयोडीनयुक्त नमक के प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।