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भावी जीवनसाथी की सिकलसेल कुंडली का मिलान करना जरूरी

Raipur News: विश्व सिकलसेल जागरूकता दिवस पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज महाविद्यालय एवं आंबेडकर अस्पताल में सिकलसेल जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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It is necessary to match the sickle cell horoscope of the future spouse.

मेडिकल कॉलेज महाविद्यालय एवं आंबेडकर अस्पताल में सिकलसेल जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन

Chhattisgarh News: रायपुर। विश्व सिकलसेल जागरूकता दिवस पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज महाविद्यालय एवं आंबेडकर अस्पताल में सिकलसेल जागरूकता एवं स्क्रीङ्क्षनग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सिकलसेल संस्थान एवं रायपुर सोसायटी ऑफ पेरिनेटोलॉजी एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मरीजों के रक्त के नमूने लेकर सिकलसेल बीमारी की जांच की गई। इस दौरान इस बीमारी के फैलाव को रोकने के (sickle cell) उपायों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मेडिकल कॉलेज की अधिष्ठाता डॉ. तृप्ति नागरिया ने कहा, आने वाली पीढ़ी में सिकलसेल के प्रसार को रोकने के लिए वैवाहिक संबंध तय करते समय सबको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि भावी जीवनसाथी छोटी सिकलिंग एवं बड़ी सिकलिंग पॉजिटिव न हों।

सिकलसेल बीमारी की रोकथाम की (cg news) दिशा में एक कदम आगे बढ़ते हुए हम सभी को विवाह के लिए सिकलसेल की जेनेटिक कुंडली मिलाने एवं इसकी स्क्रीङ्क्षनग या जांच कराने पर अधिक जोर देना होगा।

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गर्भवती महिलाएं अनिवार्य रूप से कराएं जांच

पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि सिकलसेल बीमारी को रोकने के लिए विवाह पूर्व और गर्भावस्था के दौरान संबंधित लोगों की सिकलसेल की जांच कर अंकुश लगाया जा सकता है। कार्यक्रम को फॉग्सी के मेडिकल डिसऑर्डर इन प्रेग्नेंसी कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज चेलानी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल ने भी संबोधित किया।

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