
देवेंद्र गोस्वामी @ भिलाई . रोजगार और बाजार के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए प्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के पाठ्यक्रमों में व्यापक बदलाव किया जा रहा है। अब इनके कोर्स को सीधे उद्योगों से जोडऩे की कवायद शुरू की गई है। इसी कड़ी में पुराने अनवॉन्टेड और आउटडेटेड कोर्सेज को बंद कर इंडस्ट्री रेडी ट्रेड लॉन्च होंगे। मॉडल आईटीआई भिलाई में भी यह निर्णय केंद्र की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के बाद लिया गया है। गाइडलाइन में कहा गया है कि उन कोर्सेेज को बंद कर दिया जाए, जिनमें युवाओं की रुचि लगातार घट रही है। साथ ही जिनमें एडमिशन पिछले कुछ सालों की स्थिति में नाम मात्र रहे हैं, उन ट्रेड का आंकलन करने को कहा गया है। साथ ही आईटीआई में पढ़ाए जाने वाले 63 कोर्स के सिलेबस में बदलाव किया गया है। अब प्रैक्टिल पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, जिससे पासआउट होने के बाद विद्यार्थी पहले दिन से इंडस्ट्री के लिए उपयोगी साबित हों।
आईटीआई में ये ट्रेड बंद
- वायरमैन -
- आरटीवी -
- रेडियो एंड टेलीविजन
- शीट मेटल
- पावर जनरेटर बैटरी एवं इनवर्टर
- कांक्रीट टेक्नोलॉजी प्रोसेस प्लांट
- ड्राइविंग मैकेनिक
63 कोर्स में संसोधन
प्रदेश में चल रही आईटीआई में संचालित कोर्स में से चुनिंदा ६३ में संसोधन किया गया है। इनमें शामिल कुछ चैप्टर के अलावा प्रैक्टिकल मॉड्यूल में बदलाव किए गए हैं। अधिकारियों की मानें तो इन कोर्स को इस तरह से डिजाइन किया जाना है, जिससे युवा प्रैक्टिकल के ज्ञान को उद्योगों में नौकरी की दशा में पहले दिन से ही प्रभावी तरीके से कर सकें। इसके लिए नए कोर्स मटेरियल को नए साल से जोड़ दिया जाएगा। वहीं कुछ ऐसे चैप्टर भी होंगे, जिनसे युवाओं में इम्पलॉयमेंट एटीट्यूड का विकास होगा।
सामान को किया जाएगा शिफ्ट
गाइडलाइन के मुताबिक बंद किए जाने वाले टे्रड से संबंधित इक्यूपमेंट्स और दूसरे सामान को बर्बाद न करते हुए इन्हें सही तरीके से यूज किया जाएगा। केंद्र और राज्य की ओर से चलाए जा रहे स्किल मिशन प्रोग्राम के कोर्स में ये इक्यूमेंट यूज हो सकेंगे। खरीदे गए इक्यूपमेंट्स सेंटर फॉर एक्सीलेंस के ट्रिपल बीटी ट्रेड के हैं, जिन्हें अब क्रॉस्टमैन ट्रेङ्क्षनग स्कीम में इस्तेमाल किया जाना तय किया गया है।
22 आईटीआई में बंद हुए ये कोर्स
किसी एक ट्रेड में दक्ष करने के बजाय सभी में माहिर बनाने के लिए शुरू किया गया टेड 'मल्टी स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम बंद कर दिया गया है। इसके पीछे वजह भी सटीक है। अधिकारियों का कहना है कि इस टे्रड को करने के बाद युवाओं को उद्योगों में नौकरियों के लिए भटकना पड़ रहा था। क्योंकि उनके पास किसी एक विषय में स्पेशिलाइजेशन नहीं होता था। उद्योगों में भी इसकी डिमांड नहीं थी, इसलिए आईटीआई में एक साथ बंद कर दिया गया।
फैक्ट फाइल
प्रदेश में कुल आईटीआई - 146
हर ब्लॉक में आईटीआई - 01
प्राइवेट आईटीआई - 84
आईटीआई में संचालित टे्रड का सिलेबस अब अपडेट हुआ है। इनमें कई बदलाव किए गए हंै, ताकि युवा उद्योगों के हिसाब से खुद को तैयार कर सकें। उसी तरह नए कोर्स भी शुरू हुए हैं। ये कोर्स उद्योगों की डिमांड के मुताबिक हैं, जिससे रोजगार के अवसर खुलेंगे।
- टीएस तनवार, प्राचार्य, मॉडल आईटीआई, भिलाई
Published on:
31 Dec 2021 03:00 pm
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