
Jain Sant Virag Muni: सुबह-शाम मोबाइल में भगवान, गुरु भगवंतों की तस्वीरें फॉरवर्ड करना बंद करें। क्योंकि, वह कचरे के डस्टबिन में डालने जैसा पाप क्यों कर रहे हैं। दादाबाड़ी में शुरू हुई बड़ी तपस्या में ये बातें विराग मुनि ने कही। उन्होंने कहा कि पुण्य जैसे-जैसे बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे हम पाप के साधन बढ़ाते जा रहे हैं।
मुनिश्री ने कहा, याद रखिए, संसार की कोई भी वस्तु आपको कुछ समय के लिए ही अच्छी लगेगी। मन भर जाएगा, फिर कोई नई चीज अच्छी लगने लगेगी। एक बार पंचपरमेष्ठी (अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु) में मन लगा लिया, तो सारा भटकाव खत्म हो जाएगा। उन्होंने युवाओं पर वेस्टर्न कल्चर के बुरे प्रभावों को लेकर भी चिंता व्यक्त किया।
श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय 'कन्नू' कांकरिया और कार्यकारी अध्यक्ष अभय भंसाली ने बताया कि उपधान तप तीन चरणों में किया जा रहा है, जिसमें तपस्वी क्रमश: 51, 48 और 28 दिन तपस्या करेंगे। (Jain Sant Virag Muni) तप के लाभार्थी राजेश बुरड़ परिवार ने बताया कि जो श्रद्धालु तपस्या में हिस्सा लेने से चूक गए, वे रविवार को भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
Jain Sant Virag Muni: अणुव्रत समिति रायपुर व छत्तीसगढ़ की तीन प्रमुख विश्वविद्यालय पं. रविशंकर प्रसाद शुक्ल विश्वविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय व कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य महाश्रमण के साहित्य पर समीक्षात्मक संगोष्ठी रविवार को सुबह 9 बजे श्री लाल गंगा पटवा भवन, टैगोर नगर में आयोजित की गई है।
इस मौके पर आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि सुधाकर व मुनिश्री नरेश कुमार के सान्निध्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा के मुख्य आतिथ्य में विचार व्यक्त करेंगे।
Updated on:
06 Oct 2024 09:34 am
Published on:
06 Oct 2024 09:33 am
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