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जवारा विसर्जन : आस्था पर विश्वास की यात्रा

- दो साल बाद बाना और सांग के साथ निकली शोभायात्रा

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जवारा विसर्जन : आस्था पर विश्वास की यात्रा

Jawara Visarjan: Journey of Faith on Faith

रायपुर। नौ दिन तक चले चैत्र नवरात्रि उत्सव (Chaitra Navratri Festival) का समापन रविवार को ज्योति कलश विसर्जन (Jyoti Kalash immersion) के साथ हो गया। शहर के अलग-अलग सामाजिक व धार्मिक संगठन के महिला और पुरुष ज्योति कलश और गालों व पूरे शरीर में लोहे का बाना धारण किये शोभायात्रा निकाबी। जय भवानी व मां दुर्गा के जयकारे के साथ भक्तों ने उन्हें भक्तिभाव के साथ विदा किया। डीजे व धूमाल के साथ छत्तीसगढ़ी जस गीतों व भजनों (chhattisgarhi jas songs and bhajans) की धुन पर श्रद्धालु नाचते हुए नजदीकी नदी-तालाब तक पहुंचे और जवारा विसर्जित किया। शहर के कंकाली तालाब में ज्योति कलश का विसर्जन शुरू हुआ। इस दौरान शहर के रामसागरपारा, जोरापारा, मागड़ा पारा, न्यू राजेन्द्र नगर, पवन विहार, रायपुरा, आमापारा, बजरंग नगर, केलकरपारा, ब्रम्हपुरी सहित अलग-अलग मोहल्ले से जोत विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाला गया।

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ज्योति कलश धारकों का स्वागत
विगत 11 वर्षों कंकाली पारा में नवयुवक दुर्गोत्सव समिति झण्डा चौक बढ़ईपारा द्वारा ज्योत जवारा सांग विसर्जन का भव्य स्वागत किया गया। सोनू यादव, संतोष नवरंग व पूर्व पार्षद विमल गुप्ता ने बताया विधायक विकास उपाध्याय द्वारा फूलों के बारिश कर उपासकों का स्वागत किया। साथ ही छत्तीसगढ़ी जसगीत गायाक सुनील तिवारी द्वारा विसर्जन जसगीत गाया गया।

IMAGE CREDIT: Dinesh Yadu @ Patrika Raipur

गालों व शरीर में लोहे के बाना
चैत्र में शक्ति की उपासना पूर्ण होने पर घरों व मंदिरों से जवारा शोभायात्राएं निकलीं। इस दौरान कंकाली तालाब से लेकर स्टेशन रोड तक जवारा विसर्जन जुलूस निकला गया। महिलांए व पुरूष ज्योति कलश अपने सिर में धारण किए हुए थे, तो करीब हजारो शक्ति के उपासक अपने गालों व शरीर में लोहे के बाना व सांगों को धारण किए हुए शोभायात्रा में मुस्कुराते नाचते गाते चलते रहे।

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जगह-जगह भंडारा व कन्याभोज
रामनवमी व जवारा विसर्जन को लेकर पूरे शहर में कई सेवा समितियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा भंडारा आयोजित कर मानव सेवा की। कही पर भक्तों को पानी पिलाया गया, तो कही पर भोजन दिया। कई मंदिर व घरों में नव कन्या का पूजन कर कन्या भोज किया गया।