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मंत्री TS बोले- जोगी के पिता सतनामी और मां आदिवासी, ऐसे में नहीं मिलेगा आरक्षण का फायदा

Ajit jogi is not a tribal: खुद ने ईसाई समाज (Christian society) को अपनाया है तो ऐसे में अजीत जोगी (Ajit Jogi caste issue) कैसे अनुसूचित जाति (SC) का फायदा मिल सकता है..

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मंत्री TS बोले- जोगी के पिता सतनामी और मां आदिवासी, ऐसे में नहीं मिलेगा आरक्षण का फायदा

मंत्री TS बोले- जोगी के पिता सतनामी और मां आदिवासी, ऐसे में नहीं मिलेगा आरक्षण का फायदा

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो अजीत जोगी के जाति (Ajit Jogi is not a tribal) मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव (Minister TS Singh Deo )ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी और सभी रिश्तेदार सतनामी (Satnami) हैं, उनकी माता जी कंवर जनजाति की आदिवासी (Tribal) है। वहीं, खुद ने ईसाई समाज (Christian society) को अपनाया है तो ऐसे में अजीत जोगी को (Ajit Jogi caste issue) कैसे अनुसूचित जाति (SC) का फायदा मिल सकता है। आपको बात दें कि मंत्री TS का बयान अजीत जोगी की प्रेसवार्ता के बाद आया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जोगी खुद को आदिवासी कहते थे। और उनके पास प्रमाण पत्र था। तो मैं भी कहता था कि हमारे पहले मुख्यमंत्री आदिवासी समाज से बने हैं। क्योंकि उनके पास सर्टिफिकेट था। आज आदिवासी कौन है जो जन्म से है वो आदिवासी नहीं है। जिनके पास सर्टिफिकेट है वो ही आदिवासी है। इसलिए जोगी के पास जब आदिवासी का प्रमाण पत्र था तब वे आदिवासी थे। आज उनके प्रमाण पत्र को चुनौती दी गई और ये माना गया कि वे आदिवासी समाज के नहीं है। मंत्री टीएस बाबा ने आगे कहा कि ये नया फैसला नहीं ये फैसला पुराना है। पिता से हमें जाति की संबंधता मिलती है। जांच कमेटी ने इसी के आधार पर उन्हें आदिवासी नहीं माना है।

पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रमुख अजीत जोगी आदिवासी नहीं हैं। आदिवासी विकास विभाग के सचिव डीडी सिंह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने यह नतीजा निकाला है। जोगी के सभी जाति प्रमाणपत्रों को निरस्त करते हुए छानबीन समिति ने बिलासपुर कलेक्टर को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।

झारखंड के स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष बनाए जाने पर टीएस सिंहदेव कहा कि सोनिया राहुल ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। चुनाव में टिकट तय करना चुनौती होती है। स्क्रीनिंग कमेटी एक प्रक्रिया है। जो राज्य स्तर पर समन्वय बनाने की कोशिश होगी। वहीं, 3 से ज्यादा नामों का पैनल न जाएं इसे ध्यान में रखकर ही नामों पर विचार किया जाता। कठिन प्रक्रिया के जरिए उम्मीदवारों का नाम तय करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है।

पिछली समिति का भी यही निष्कर्ष

रीना बाबा साहेब कंगाले की अध्यक्षता वाली छानबीन समिति ने 27 जून 2017 को फैसला किया। समिति ने जोगी को कंवर जाति का आदिवासी नहीं माना। फैसले के खिलाफ अजीत जोगी उच्च न्यायालय गए वहां उन्होंने समिति की वैधता को चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने दूसरी समिति बनाने को कहा। राज्य सरकार ने 21 फरवरी 2018 को दूसरी समिति बनाकर मामले की जांच कराई।

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