
हैदराबाद में शेर कोरोना संक्रमित, अलर्ट के बाद रायपुर में पीपीई किट पहनकर वन्य प्राणियों को खाना दे रहे जू कीपर
रायपुर. हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क (Nehru Zoological Park Hyderabad ) में 8 एशियाई शेर कोरोना संक्रमित हो गए। इन शेरों के संक्रमित होने के बाद राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के जिम्मेदारों ने देश भर के अभ्यारण्यों, चिड़ियाघरों व जंगल सफारी प्रबंधन को सुरक्षा बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
राष्ट्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के जिम्मेदारों से निर्देश मिलने के बाद राजधानी रायपुर स्थित एशिया के सबसे बड़े जंगल सफारी (Jungle Safari) में प्रबंधन ने जू कीपरों को सावधनी बरतने का निर्देश दिया है। जंगल सफारी परिसर में वन्य प्राणियों को जू कीपर PPE किट पहनकर खाना परोसे रहे हैं। सफारी प्रबंधन की मानें तो सफारी परिसर में किसी भी तरह की लापरवाही ना बरती जाए, इसलिए पिछले सतर्कता बरतने और तत्काल सूचना देने का निर्देश अधीनस्थ कर्मियों को दिया गया है।
जू कीपरो को रूकवाया सफारी में
वर्तमान में जंगल सफारी में लगभग 73 संविदाकर्मी काम कर रहे है। सफारी के कीपर भी इन्हीं कर्मियों में से चयनित किए गए है। संक्रमण काल में सफारी परिसर पर्यटकों के लिए बंद है। वन्य प्राणियों की देख रेख करने वाले जू कीपरों को सफारी परिसर में ही रूकवाने का इंतजाम किया गया है। जू कीपर शिफ्ट वाइस ड्यूटी कर रहे हैं।
कैमरों से मॉनीटरिंग
कोरोना काल में वन्य प्राणियों के मूवमेंट पर विशेष नजर सफारी प्रबंधन के जिम्मेदार रख रहे हैं। सफारी के अधिकारियों ने वन्य प्राणियों के परिसर को सीसीटीवी कैमरों से लैस करवा दिया है और कंट्रोल रूम में बैठकर उसे देखते है। सफारी डायरेक्टर के मोबाइल में भी ऑनलाइन वन्य प्राणियों के मूवमेंट देखने की सुविधा है। वन्य प्राणियों के मूवमेंट की रोजाना रिपोर्ट विशेषज्ञों के देख रेख में जमा होती है और उनके खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हर दिन की आड़ में दवा का छिड़काव, डाइट भी बदली
सफारी प्रबंधन के अधिकारियों ने कोरोना के मद्देनजर वन्य प्राणियों के परिसर के बाहर और सफारी परिसर में दवा का छिड़काव करने का निर्देश अधीनस्थ कर्मियों को दिया है। बाड़ा और सफारी परिसर में हर दूसरे दिन की आड़ में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। हर बाड़े के बाहर पोटेशियम का घोल रखा गया है।
बाडे में आने-जाने वाले हर शख्स को उस घोल के उपर से गुजरना होता है। प्रबंधन के हर प्रोटोकॉल का पालन डायरेक्टर से लेकर कर्मियों तक को करना है। गर्मी के मद्देनजर वन्य प्राणियों की डाइट में बदलाव भी विशेषज्ञों ने किया है। पिछले वर्ष शेर व शावक की मौत के बाद सफारी प्रबंधन के जिम्मेदार वन्य प्राणियों की देख रेख में ज्यादा सतर्कता बरत रहे है।
जंगल सफारी के डायरेक्टर एम. मर्सीबेला ने कहा, संक्रमण काल में वन्य प्राणियों के बाड़े व परिसर में दवा का छिड़काव करने का निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिया है। परिसर में गाइडलाइन का पालन करना सभी को जरूरी है। वन्य प्राणियों के मूवमेंट पर विशेषज्ञों की मौजूदगी में कैमरों से नजर रखी जा रही है। दवा का छिड़काव समेत अन्य रिपोर्ट रोजाना कार्यालय में सबमिट करने का निर्देश दिया है।
Published on:
06 May 2021 09:43 pm
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