रायपुर. राजधानी के Ambedkar Hospital में कोविड ड्यूटी के दौरान मिलने वाले पीपीई किट, ग्लब्स और मास्क की गुणवत्ता सही नहीं होने और कुछ अन्य मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर दूसरे दिन बुधवार को भी हड़ताल पर रहे।
कोरोना महामारी के दौरान मरीजों को कोई समस्या न हो इसलिए जूनियर डॉक्टर्स ने दो टीम बनाई है। इसमें आधे धरने पर और आधे इमरजेंसी में सेवा दे रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान संक्रमण से बचने के लिए सुविधाओं की कमी की वजह से जूनियर डॉक्टर्स मंगलवार से हड़ताल पर हैं। उन्होंने मंगलवार को ओपीडी का बहिष्कार कर दिया, जो आज भी जारी है।
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जूनियर डाक्टरों ने चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. आरके सिंह को ज्ञापन सौंपकर मांग पूरी नही होने पर 15 अप्रैल से नॉन कोविड इमरजेंसी बंद करने तथा 18 अप्रैल से COVID ड्यूटी नहीं करने की चेतावनी दी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जूनियर डॉक्टरों के बहिष्कार का प्रभाव ओपीडी पर नहीं पड़ा।
डॉक्टरों का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान कई सहकर्मी संक्रमित हो चुके हैं, जिन्हें अवैतनिक अवकाश के लिए मजबूर किया जा रहा है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. इंद्रेश के मुताबिक, डॉक्टरों की पिछले एक साल से कोविड और नॉन कोविड में ड्यूटी लगाई जा रही है। कोरोना ड्यूटी के बाद क्वारंटाइन भी नहीं किया जा रहा है, जिससे कई डॉक्टर संक्रमित हो चुके हैं।
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डीएमई डॉ. आरके सिंह ने कहा, जूनियर डॉक्टरों की मांगों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा। अस्पताल में जो असुविधाएं हैं, उसे जल्द ही दूर किया जाएगा। उन्होंने हड़ताल नही करने का आश्वासन दिया है।
डॉक्टरों की अन्य मांगें
1. डेडिकेटेड कोविड सेंटर बनाकर अलग से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाए।
2. डॉक्टरों की ग्रामीण क्षेत्र में सेवा का अनुबंध दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष की जाए।
3. कोरोना ड्यूटी वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाए।
4. प्रदेशभर में एकसमान स्टाइपंड प्रदान किया जाए।
5. एनएमसी के मानदंड के अनुसार एमडी, एमएस, मेडिकल डिप्लोमा की परीक्षाएं निर्धारित समय के अनुसार अविध के भीतर कराई जाए। पांच दिन के अंदर परीक्षा तिथि घोषित की जाए।