
Kanya Pujan 2022: नवरात्रि के नौ दिनों में महासप्तमी के साथ ही कन्या पूजन भी शुरू हो जाता है। इस दौरान देश भर के अलग-अलग हिस्सों में मां के भोग में कई तरह के प्रसाद बनते हैं, जिन्हें कन्याओं को परोसा जाता है। कन्या पूजन का महत्व मां दुर्गा की पौराणिक कथाओं में भी मिलता है। उत्तर भारत में कन्या पूजन उत्सव की तरह मनाया जाता है और इस मौके पर स्वादिष्ट व्यंजन परोसा जाता है।
खीर पूरी
घर पर कोई भी पूजा हो या फिर त्योहार खीर का बनना तय होता है। क्योंकि सभी देवी-देवताओं को खीर का भोग लगाया जाता है। वहीं नवरात्रि कन्या पूजन में भी खीर का भोग काफी विशेष माना जाता है और इसे कन्या पूजन में भी जरूर शामिल करना चाहिए। उत्तर भारत के कई हिस्सों में कन्या पूजन में बच्चों को खीर-पूड़ी खिलाई जाती है। इसी के साथ मां को मीठे का भोग लगाया जाता है।
मीठा पुआ
बिहार और देश के कई हिस्सों में मां को मीठे पुए और खीर का भोग लगाया जाता है।
दही-जलेबी
नाम सुनते ही उत्तर भारतीय लोग समझ चुके होंगे कि मैंने इसका नाम क्यों लिखा है। कानपुर, लखनऊ के अलावा उत्तर भारत के हिस्सों में दही-जलेबी नवरात्र की कन्या पूजन में खूब खिलाया जाता है।
आलू पूरी हलवा
वहीं नवमी और दशमी के दिन मारवाड़ियों और राजस्थान के अलावा कई घरों में कन्या पूजन में आलू पूरी और हलवा खिलाया जाता है। इस दिन बनने वाले प्रसाद का स्वाद ही अलग होता है।
चना हलवा पूरी
काले चने, हलवा और पूरी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में नवरात्रि के दौरान बनने वाला प्रसाद है। जागरण से लेकर भंडारे तक और कन्या पूजन तक में इसे मां का पसंदीदा भोग बताया गया है।
खिचड़ा
बंगाली लोग सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन दुर्गा पूजा का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं। इन तीनों दिनों पंडाल में मिलने वाला खाना बहुत ही टेस्टी होता है। खिचड़ा बंगाली पंडालों में मिलने वाला सबसे पसंदीदा भोग होता है। इसे आप दुर्गा पंडाल में जाकर ही चखें तो मजा आएगा।
हलवा-पूड़ी
कन्या पूजन में कन्याओं को हलवा जरुर परोसें, इसके साथ ही पूड़ी भी परोसें।
काला चना
माता रानी के प्रसाद में काले चने का भोग जरुर लगाएं। काले चने के बिना माता रानी का भोग अधूरा माना जाता है। इसलिए कन्याओं को भी काला चना जरुर परोसें।
Published on:
03 Oct 2022 02:20 pm

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