
कलागुरु अउ परसिद्ध बानधारी ‘कोदूराम वरमा’
भिभौंरी गांव म १ अपरैल 1924 के जन्म धरे रिहिस धनुस बिद्या के जानकार कोदूराम वरमा ह। कोदूराम वरमा के पांव ल बड़े खिलाड़ी लिंबाराम ह परय अउ आसीरवाद मांगय। आवाज ल सुनके तीर चलावय अउ ठीक निसाना मारय कोदूरामजी ह। छत्तीसगढ़ के सरकार के मदराजी सम्मान अउ कतकों बड़े-छोटे सम्मान कोदूराम ल मिलिस। 95 बरिस के उमर म बिदा लिस कलाकार कोदूराम ह।
गंवई के फूल कलादल के गठन करके आकासवानी म जो गीत के सरलग गायन करिस त छत्तीसगढ़ अउ देसभर म धूम मच गे। कबीर के भजन ल खंझेरी म गवइया कोदूराम के चेलामन अब वोकर बाना ला उठाय हें।
झालम करमा निरित्य दल ह आदिवासी कलाकारमन के दल ए। ए दल ल कोदूराम ह तियार करिस। देस के उत्ती, बुड़ती, रकसहूं, भंडार म डंका बज गे। ए दल के कलाकार घनस्याम ठाकुर ल मंदराजी सम्मान मिले हे। गुरु अउ चेला दूनों ल ए सम्मान मिलिस।
कबीर के भजन गवइया बड़े कलाकार रिहिस कोदूराम ह।
अंधाधुंध
अंधियार अवधू
अंधाधूंध अंधियारा।
कोई जाने न जानन हारा अवधू अंधाधुंध अंधियारा।
ए गीत ल जब कोदूराम गावय त सुनइयामन चकित रहि जंय। नानपन ले नाचा के दल म कलाकारी करइया कोदूराम पहिली परी बनय। फेर, जोक्कड़ बनिस। 85 बरस के उमर म दिल्ली म दू घंटा करमा नाच के छत्तीसगढ़ के नांव बढ़इया कोदूरामजी ह आरय समाजी रिहिस। वोकर बड़े बेटा सालिकराम वरमा ह किरिसि बिभाग म डाइरेक्टर रिहिस। छोटे बेटा परेमलाल ह कुरमी समाज के धमधाराज के अध्यक्ष रिहिस। भरे-पूरे परिवार ल छोडक़े जवइया कोदूराम ह सगनी आसरम म लइकामन ल पढ़ाय हे।
दुरूग जिला म साच्छरता म वोकर काम ल देख के सम्मान करे गे रिहिस। सरलग दू बछर ले साक्छरता के जत्था के कलाकारमन ल वोहा सिखइस।
छत्तीसगढ़ के नाचा संसार के सबो बड़े कलाकारमन वोला गुरु मानंय। सब्द बेधी बान चलाय के बिद्या ल वोहा अपने बड़े बेटा सालिकराम ल सिखो के गे हे। सालिकराम बड़े अधिकारी हे, फेर ददा के परंपरा ल आगू बढ़ाय बर गजब साधना करे हे। उहू ल ए बिद्या आथे।
अगासदिया परिसर म सालिक राम वरमा के बिद्या ल भेलई के गुनी दरसकमन देखिन अउ सहरइन। दू गांव भिभौरी अउ हरदी म कोदूराम वरमा के लम्बा-चौड़ा खेती रिहिस। तभो ले गांव के बनिहार, किसान कलाकारमन संग वोहा नाचा दल बना के गांव के नांव ल चारोंमुड़ा बगरा दी। रमायन दल बनइस। सुजनानंद महराज के चेला कोदूराम ह रामलीला म पाठ करिस। जिनगीभर कला के सेवा करइया कलाकार ल सम्मान देबर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंतरी डॉ. रमनसिंह वोकर गांव भिंभौरी गे रिहिस हे। उहां भरे सभा म कोदूराम वरमा के कला के बारे म बोलिस के, कोदूराम के कला अचरज म डार देथे।
कोदूराम वरमा ह 18 सितम्बर २०१८ के सरग सिधार गे। कोदूरामजी के लइकामन गांव म अंगरेजी इस्कूल खोल के बहुत बड़े सेवा के संकल्प ल पूरा करत हें। सिक्छा, कला, समाजसेवा के अलग-अलग छेत्र म कोदूरामजी काम करके हमन ल रद्दा देखा के गे हे। अपन परिवार म महेस वरमा ल कलाकार बना के नवा पीढ़ी म कला के संस्कार डारिस। वोकर परम्परा ल सब मिलजुल के आगू बढ़ाय के संकलन कलाकारमन ले हें। इही ह असल सरद्धांजलि ए। परदेस सरकार ह वोकर नांव म कोदूराम वरमा तीरंदाजी अकादमी खोले हे।
Published on:
03 Apr 2023 04:09 pm
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