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दिव्यांग व उनके माता-पिता को नहीं मिल रहा शासकीय योजनाओं का लाभ

शासन की कोई भी योजना परिवार को नहीं मिलने के कारण वह अपने पिता के साथ एक छोटी सी मिट्टी की खपरैल वाली झोपड़ी में रहने को विवश हैं। अब तक उसे व उनके परिवार को न आवास मकान मिल पाया और न ही शौचालय बन पाए।

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दिव्यांग व उनके माता-पिता को नहीं मिल रहा शासकीय योजनाओं का लाभ

दिव्यांग व उनके माता-पिता को नहीं मिल रहा शासकीय योजनाओं का लाभ

कोपरा. क्षेत्र के ग्राम लोहरसी की गरीब दिव्यांग महिला रोहणी पिता बलदाऊ यादव ने गरियाबंद जिला कलेक्टर नम्रता गांधी के पास गत दिवस राशन कार्ड की अर्जी लेकर मिलने पहुंची। उसको देखते ही कलेक्टर ने पहले अपने कर्मियों को बोलकर व्हीलचेयर मंगवाई तब 40 वर्षीय रोहणी यादव से उसकी हालचाल पूछा गया। उन्होंने कलेक्टर को बताई कि उनके नाम से पहले नि:शक्तजन के लिए नि:शुल्क राशन कार्ड बनाए गए थे। जिसमे 10 किलो चावल प्रति माह मिलता था। वर्तमान में उक्तराशन कार्ड को निरस्त कर परिवार के साथ राशन कार्ड के साथ जोड़ दिया गया है। जिससे शासन द्वारा मिलने वाली अन्य लाभ उन्हें नहीं मिल पा रही हैं। आवेदन पर गौर करते कलेक्टर नम्रता गांधी ने खाद्य विभाग के अधिकारी को आदेशित कर तत्काल राशन कार्ड व समाज कल्याण विभाग से बैटरी चलित ट्राइसिकल दिव्यांग रोहणी यादव को प्रदान करवाया गया। जिसके लिए रोहणी ने कलेक्टर नम्रता गांधी व खाद्य विभाग अधिकारी जेजे नायक वसमाज कल्याण विभाग अधिकारी डीपी ठाकुर का आभार व्यक्त किया। दिव्यांग रोहिणी को त्वरित लाभ दिए जाने पर दिव्यांग कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष जागेश्वर साहू, समाज प्रमुख तरुण निर्मलकर, संतोष यादव ने जिला प्रशासन की प्रशंसा की।
पीएम आवास से वंचित
बता दे कि रोहणी यादव अपने 70 वर्षीय पिता बलदाऊ राम यादव के साथ रहती है। रोहणी यादव बचपन से ही पोलियो ग्रस्त है। रोहिणी उस समय गरीबी परिस्थिति के कारण पढ़ाई नहीं कर पाई। शासन की कोई भी योजना परिवार को नहीं मिलने के कारण वह अपने पिता के साथ एक छोटी सी मिट्टी की खपरैल वाली झोपड़ी में रहने को विवश हैं। अब तक उसे व उनके परिवार को न आवास मकान मिल पाया और न ही शौचालय बन पाए।
शौचालय तक नहीं दिव्यांग के मकान में
फिंगेश्वर जनपद पंचायत के सभी ग्राम पंचायत वर्ष 2019-20 में ओडीएफ घोषित तो हो गया, लेकिन अब भी कई ग्राम पंचायत के कई ऐसे घर है, जहां अब तक शासन की योजनाओं से बनने वाला शौचालय नहीं बन पाया है। रोहिणी भी वही एक बदनसीब दिव्यांग महिला है, जिसके घर अब तक शौचालय नहीं बन पाया है। शौचालय नहीं होने के कारण उसके पूरे परिवार को शौच के लिए घर से बाहर नाले में जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि किसी तरह ठंड व गर्मी के मौसम में बाहर शौच तो कर लेते हैं, लेकिन दिव्यांग होने के कारण बरसात के दिनों में परेशानी होती है।

फोटो 1 कोपरा. कलेक्टर परिसर में रोहिणी को दी गई बैटरी चलित ट्राइसिकल।
फोटो 2 कोपरा. दिव्यांग रोहिणी घर में अपने माता-पिता के साथ।
फोटो-१४ डीके-०९-१०