रायपुर@नवा रायपुर िस्थत तूता धरना स्थल में प्रदेशभर से कोटवार अपनी मांग को लेकर एक दिवसीय धरना दिया।बुधवार को मांग रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में कोटवार हितौषी अनेक घोषणाये की गई थी। जिसमें कोटवारों को राजस्व विभाग चतुर्थ वर्ग का सरकारी कर्मचारी घोषित कर शासन द्वारा न्युनतम मजदूरी दिये जाने की बात कही थी। राज्य गठन के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा कोटवारों को जमीदारी से मिली मालगुजारी जमीन का मलीकाना हक दिया गया था। उसे पूर्व सरकार द्वारा निरस्त करते हुए वापस ले ली था। जिसे पुनः कोटवारों के मालिकाना हक देते हुये उन्हे ऋण पुस्तिका देने की घोषणा की गई और कहा गया कि कोटवार के परिवार के सदस्य को ही कोटवार बनाया जावेगा। अन्य मांगों के लिए समिति बनाने की घोषणा की गई थी। उस पर अभी तक अमल नहीं हुआ। प्रदेश के 16 हजार कोटवारों ने घोषणा के अमल हेतु धरना स्थल में बुधवार को अपने ग्राम का काम ठप कर हड़ताल पर रहा और धरना प्रदर्शन किया। शाम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी आरंग/अभनपुर को हजारों कोटवारों उपस्थिति में ज्ञापन संघ के प्रांताध्यक्ष प्रेमकिशोर बाघ द्वारा सौपा। इस मौके पर प्रमुख सलाहकार अनिल श्रीवास्तव, नागेश्वर सिंह चौहान, गिरवर मानिकपुरी, त्रिलोकी मानिकपुरी, दिनेश चौहान, भुनेश्वर चोपड़ा, साहेब दास देवेन्द्र चौहान, राजू चौहान, भूषण मानिकपुरी, त्रिभुवन मानिकपुरी आदि उपस्थित थे।