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नहीं मिला अब तक महिला आरक्षक का कटा सिर, कब्र से निकलवाकर घरवालों ने की पहचान

महिला आरक्षक की लाश एक नदी के किनारे पाई गई जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई

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aarti kunjam

नहीं मिला अब तक महिला आरक्षक का कटा सिर, कब्र से निकलवाकर घरवालों ने की पहचान

राजनांदगांव. डोंगरगांव थाना क्षेत्र के बगदई स्थित घुमरिया नदी में मिली लाश अंबागढ़ चौकी थाना में पदस्थ महिला आरक्षक 26 वर्षीय आरती कुंजाम पिता शिवबालक की है। सिर व हाथ -पैर कटे होने की वजह से मृतिका की पहचान नहीं हुई थी। पोस्ट मार्टम के रिपोर्ट में शव के दाहिने पैर के जंघे व हाथ में राड लगे होने का मामला सामने आया। इस आधार पर मृतिका की पहचान उसके परिजनों ने की। अब तक मृतिका के कटे सिर का पता नहीं चला है। पुलिस हत्या के आशंका के आधार पर विवेचना में जुटी है।

गौरतलब है कि 23 अगस्त गुरुवार को बागदई नदी में एक अज्ञात महिला की सिर व हाथ- पैर कटी नग्न अवस्था में लाश तैरते हुए मिली थी। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना में जुट हुई थी। सिर कटे होने की वजह से मृतिका की पहचान नहीं हुई थी।

राजनांदगांव के पास महिला आरक्षक की बिना कपड़ों की लाश मिली। इस महिला आरक्षक की उम्र मात्र 26 साल ही थी। महिला आरक्षक की लाश एक नदी के किनारे पाई गई। जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। आरक्षक का सिर कटा हुआ था और शरीर पर कोई भी कपड़ा नहीं था। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।स्थानीय पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। जिसके बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

बताया जा रहा है कि महिला आरक्षक आरती कुंजाम 21 अगस्त को सुबह 9 बजे थाना से निकली थी और न ही घर पहुंची थी और न ही थाना। उनके परिजन 26 अगस्त को थाना पहुंचे और आरक्षक आरती की पतासाजी किए। इस दौरान थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराए। इस आधार पर नदी में मिले महिला के शव के हुलिए व पीएम रिपोर्ट में पैर में लगे राड की जानकारी दी गई। राड लगे होने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने शव को आरक्षक आरती के होने की आशंका जाहिए किए।

इस दौरान मृतिका के पिता ने उसके हाथ में भी राड लगे होने की जानकारी दी। फिर पुलिस ने एसडीएम से अनमति लेकर दफनाए गए शव को बाहर निकलवाया। इस दौरान हाथ व पैर में राड लगे होने पर उसके परिजनों ने शव को आरक्षक आरती कुंजाम का होने की पुष्टि की। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतिका के शव को शव मिलने के तीन दिन बाद रविवार को दफना दिया गया था। इस दौरान सोमवार को मृतिका आरती कुंजाम के पिता व परिजन चौकी थाना पहुंच कर अपने बेटी के घर नहीं लौटने की जानकारी दी और शव को बार निकाला गया।

मृतिका आरती कुंजाम अंबागढ़ चौकी थानाक्षेत्र के धानापाइली की रहने वाली है। पुलिस में नौकरी लगने के बाद वह वर्तमान में अंबागढ़ पदस्थ थी और पुलिस क्वाटर में ही रहती थी। मृतिका 21 अगस्त को सुबह थाने में थी इसके बाद कहां गई। इसका पता न ही उसके परिजनों को था और न ही थाना में। इस दौरान पुलिस भी अपने आरक्षक की जानकारी लेने गंभीरता नहीं दिखाई।

मृतिका की पहचान होने के बाद उसके कटे सिर का अब तक सुराग नहीं मिला है। आशंका जाहिर किया जा रहा कि किसी पहचान वाले ने ही आरक्षक आरती की गंभीर साजिश के तहत हत्या कर सिर व पैर को काट कर शव को नदी में फेका गया है। पहचान होने के 24 घंटे बाद भी पुलिस न ही कटे सिर का सुराग लगा पाई है और न ही आरोपी की तलाश में आगे कुछ कर पाई है। पुलिस द्वारा अपने ही कर्मचारी के हत्या की जांच में हिला-हवाला से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस आरक्षक की हत्या के मामले में उसके कार्यस्थल अंबागढ़ चौकी थाना स्टाफ के कर्मचारियों के बीच उसके व्यवहार। उसके परिजनों से संबंध और मोबाइल सीडीआर के आधार पर जांच में जुटी है। पुलिस मृतिका के गायब होने के दिन से उसके मोबाइल सीडीआर के आधार पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले को सुलझा लेने का दावा कर रही है।

राजेश अग्रवाल, एएसपी ने कहा कि महिला आरक्षक की हत्या के संबंध में पुलिस हर पहलुओ पर जांच कर रही है। उसके कार्यस्थल में अन्य कर्मचारियों के साथ व्यवहार व मोबाइल सीडीआर के आधार पर जांच जारी है। जल्द ही मामले का खुलासा होने की संभावना है।