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CG Fraud: सरकारी नौकरी लगाने लाखों की ठगी, डेमो क्लास का झांसा देकर ले लिए 2 लाख

CG Fraud: कोचिंग सेंटर के लोगों ने पूरी फीस 1.74 लाख जमा करने पर ही एडमिशन देने की शर्त रखी। साथ ही आश्वासन दिया कि एक महीने की कोचिंग लेने के बाद संतुष्ट नहीं होने पर पूरी फीस वापस कर दी जायेगी।

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CG Fraud: सरकारी नौकरी लगाने लाखों की ठगी, इधर डेमो क्लास का झांसा देकर ले लिए 2 लाख

CG Fraud: पुसौर पुलिस ने मंत्रालय में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पीडि़त कुंजबिहारी पटेल (32) निवासी ग्राम घुघवा पुसौर पुलिस से 22 जनवरी को इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि वह अप्रैल 2022 में 4,58,300 और बाद में 3,69,000 रुपए आरोपी सितेश को दिए।

इसी तरह गांव के ही मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3,77,000 व देवकुमार से 8,00,000 लेकर कुल 20,04,000 रुपए की ठगी की है। तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी विवेक कुमार को गिरफ्तार करने पुलिस टीम दुर्ग रवाना हुई जिसे पता तलाश कर अभिरक्षा में लेकर रायगढ़ लाया गया, आरोपी ने पूछताछ में नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार की।

डेमो क्लास का झांसा देकर अनाएकेडमी सेंटर ने पौने 2 लाख जमा कराए

रायपुर के अनाएकेडमी सेंटर ने जेईई की डेमो क्लास का झांसा देकर विद्यार्थी के परिजनों से 1.74 लाख रुपए जमा कराए। साथ ही आश्वासन दिया कि एक महीने की कोचिंग लेने के बाद संतुष्ट नहीं होने पर पूरी फीस वापसी कर दी जाएगी लेकिन, फीस जमा होने के बाद ठीक से कोचिंग नहीं देने पर रकम लौटाने पर सेंटर के संचालन समिति से जुडे़ लोग अपने वादे से मुकर गए।

इसकी शिकायत पीडि़त के परिजनों ने जिला उपभोक्ता फोरम में की। जहां अध्यक्ष डाकेश्वर प्रसाद शर्मा, सदस्य निरूपमा प्रधान और अनिल कुमार अग्निहोत्री ने 6 फीसदी ब्याज दर के साथ 1.72 लाख लौटाने और वाद व्यय के साथ ही मानसिक प्रताड़ना के रूप में 10000 रुपए लौटाने का आदेश दिया। साथ ही फीस वापस नहीं लौटाने पर सेवा में निम्नता व अनुचित व्यापार व्यवहार कहा।

यह है मामला

पचपेडी़ नाका निवासी शीश हैदर ने अपने पुत्र ममूर मोहम्मद को टिकरापारा पुजारी पार्क स्थित अनाएकेडमी सेंटर में जेईई के 2 वर्षीय पाठ्यक्रम की कोचिंग के लिए दाखिला कराया। इस दौरान कोचिंग सेंटर के लोगों ने पूरी फीस 1.74 लाख जमा करने पर ही एडमिशन देने की शर्त रखी। साथ ही आश्वासन दिया कि एक महीने की कोचिंग लेने के बाद संतुष्ट नहीं होने पर पूरी फीस वापस कर दी जायेगी। उन्होंने लोन लेकर फीस जमा कराने के बाद एडमिशन लिया। 3 सप्ताह कोचिंग लेने के दौरान पता चला कि संतोषप्रद तरीके से कोचिंग नहीं कराई जा रही है।

इसे देखते हुए फीस वापसी का निवेदन किया, लेकिन उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि उनके द्वारा नो रिफंड पॉलिसी के तहत दाखिला लिया गया था, इस कारण उनकी फीस वापसी योग्य नहीं है। विद्यार्थी के परिजनों ने जमा की गई फीस में कुछ कटौती कर फीस वापिस करने का अनुरोध किया। फीस नहीं लौटाने पर जिला फोरम में परिवाद लगाया। सुनवाई के दौरान फोरम ने माना कि कोचिंग संस्था है, न कि शिक्षण संस्थान इस कारण वे सेवा प्रदाता की श्रेणी में आते हैं। इसे देखते हुए कुल फीस की रकम में 2000 रुपए की कटौती कर 1.72 लाख रुपए 27 जून.2025 से अदायगी दिनांक तक 6 फीसदी ब्याज के साथ देना होगा।