ताबीर हुसैन @ रायपुर. इंडियाज लॉफ्टर चैंपियन के फाइनल मेंं मैं नर्वस नही था लेकिन जब उस तरह का म्यूजिक दिया गया तब मुझे लगा कि नर्वस होना है। इनाम के 25 लाख रुपए मैंने पैरेंट्स और दो बहनों में बांट दिए लेकिन मुझे क्या पता था कि पैसे कट के आते हैं। अभी भी मुझे फैमिली को 7.50 लाख रुपए देने हैं। चैंपियन बनने के बाद जब मेरे स्कूल से फोन आया। प्रिंसिपल ने कहा कि हमें पता था कि तुम एक दिन बड़ा काम करोगे। अब तुम्हें हमारे स्कूल में आना है और बच्चों को प्रेरित करना है। मैंने प्रिंसिपल से कहा कि मैं एक ही चीज कहूंगा कि स्कूल से टीसी निकाल लो। यह सुनते ही प्रिंसिपल ने फोन काट दिया। कुछ इस तरह के कॉमेडी आपबीती सुना रहे थे इंडियाज लॉफ्टर चैंपियन रजत सूद। शुक्रवार को वे डीडीयू ऑडिटोरियम में स्टैंडप कॉमेडी पेश कर रहे थे। कार्यक्रम के बाद उनके साथ फोटो खिंचाने की कतार लग गई। बाउंसर ने बारी-बारी से यूथ के ग्रुप को उनके पास भेजा। यह सिलसिला लगभग 1 घंटा चला। पत्रिका के सवालों का जवाब रजत ने चुटीले अंदाज में दिया।