
Lion or Macau of America, everyone has to give cold air
दिनेश यदु @ रायपुर. मौसम की तपिश इंसान हो या जानवर सभी को बेचैन कर रही है। यही वजह है कि जंगल का राजा हो या पक्षी, सभी को ठंडी हवा देनी पड़ रही है। जंगल सफारी (Jungle Safari) और नंदनवन (Nandanvan Bird Sanctuary) में उनके बाड़ों में कूलर-पंखे लगाए गए हैं। इसके अलावा खस व नेट लगाकर तपिश कम की जा रही है। कुछ पक्षियों के बाड़े में हर घंटे पानी का छिड़काव करना पड़ रहा है। नंदनवन के पक्षी विहार में हर तीन से चार घंटे में बाड़े का तापमान देख रहे हैं।
विदेशी पक्षी 30 से 35 डिग्री तक का तापमान सहन कर सकते हैं। इससे अधिक होने पर उनकी सेहत बिगड़ जाती है। इसलिए गर्मी का असर कम करने के लिए बाड़े में कूलर, खस व पानी के साथ फौव्वारे भी लगाए गए हैं। जंगल सफारी में खास इंतजाम जंगल सफारी में शेर, भालू के बाड़े को भी कूलर से ठंडा रखा जा रहा है। गर्मी अधिक पड़ने की वजह से बाड़े में रहने वाले वन्यप्राणियों को बेचैनी महसूस होती है। साथ ही सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए सभी बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं। साथ ही भरपूर पानी और उनकी डाइट में भी बदलाव किया गया है।
ये हैं विदेश के पक्षी
पक्षी विहार में अभी 30 से 33 विदेशी प्रजाति के पक्षी हैं। दक्षिण अफ्रिका, ब्राजील, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, सूडान, म्यांमार, साइबेरिया, ताइवान, वेस्टइंडिज, थाईलैंड व इंडोनेशिया से ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, ब्लयूरिंगनेट, गोल्डन फ्रीजेंट, लेडिज हेमरेस्ट, एमोजोन, ग्रे पैरेट, कारोलाइन डक, क्रस्टेड डक, सिल्वर फीजेंट, के्रस्टेड वुड, लव बर्ड, जेब्रा, कोहिनूर, शुतुरमुर्ग व मकाऊ जैसे पक्षी हैं।
नंदनवन प्रभारी आरजी यादव ने कहा कि नंदनवन पक्षी विहार में पक्षियों को गर्मी का सामना करना ना करना पड़े, इसलिए कूलर व खस के साथ पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ उनके खाने के लिए चना,तरबूज, लौकी व खीरा दे रहे हैं।
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Published on:
18 Apr 2022 07:14 am
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