
शराब दुकानों की कलेक्शन एजेंसी के मैनेजर से देर रात लूट, कट्टा दिखाकर आंख में झोंका मिर्ची पाउडर
रायपुर. राजधानी में एक बार फिर लूट की बड़ी वारदात हो गई। कार सवार तीन नकाबपोशों ने शराब दुकानों के कलेक्शन एजेंसी के मैनेजर से कट्टा दिखाकर 31 लाख रुपए लूट लिया। इसके बाद फरार हो गए। आरोपियों ने पीडि़त की आंख में मिर्च पाउडर भी डाला। घटना शनिवार-रविवार की रात आजाद चौक थाना इलाके मेंअनुपम गार्डन के पास हुई।
पीडि़त चार शराब दुकानों की राशि एकत्र करके अपने ऑफिस में छोडऩे जा रहा था। इस दौरान लुटेरों ने उसे अपना निशाना बनाया। पीडि़त खुद को महापौर प्रमोद दुबे का रिश्तेदार भी बताता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक अमीनपारा निवासी प्रशांत शर्मा शराब दुकानों से राशि एकत्र करने वाली रायटर कलेक्शन एजेंसी का एरिया मैनेजर है। वह चार शराब दुकानों से एकत्र हुए ३१ लाख ३३ हजार ९५० रुपए बैग में रखकर अपनी बाइक से सुंदर नगर स्थित ऑफिस जा रहा था। इस बीच रात करीब १२.३० बजे डंगनिया मार्ग पर सीएसइबी ऑफिस के पास सफेद रंग की कार सीजी ०५ एस ८५३० ने ओवरटेक करके सामने गाड़ी लगा दी। कार से तीन नकाबपोश युवक उतरे। तीनों ने उसे जबरदस्ती उठाया और कार में बैठा लिया। कार के भीतर उस पर कट्टा तान दिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। उसकी आंख में मिर्ची पाउडर डाल दिया और उसका बैग छिन लिया। इसके बाद उसे सुंदर नगर रोड पर उतारकर फरार हो गए। लुटेरे उसका मोबाइल भी ले गए।
मारपीट से घायल प्रशांत सीधे अपने ऑफिस पहुंचा। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। आजाद चौक पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। युवक का बाइक घटनास्थल पर मिला। शहर में चारों ओर नाकेबंदी कर दी गई, लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं मिला। सिर में चोट लगने से घायल प्रशांत को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शराब दुकानों से बिक्री राशि के कलेक्शन से जुड़े कर्मचारियों से लूट की कई वारदात हो चुकी है। आरोपियों के पकड़े नहीं जाने से उनका हौसला और बढ़ा है। खमतराई में करीब दो साल पहले शराब दुकान के गद्दीदार को गोली मारकर १२ लाख रुपए लूट लिया गया था। इसी तरह उरला के सरोना में दो कलेक्शन कर्मचारियों के आंख में मिर्च पाउडर झोंक कर लूटने का प्रयास किया गया था।
उसने शनिवार की रात मोवा, पुरानी बस्ती, आमापारा शराब दुकानों से पूरी राशि ली। रायपुर के सभी शराब दुकानों से बिक्री की राशि को जमा करने का ठेका रायटर कंपनी को मिला है। प्रशांत पिछले पांच साल से यही काम कर रहा है। शराब दुकानों से कलेक्शन के अलावा एटीएम में पैसा जमा करने का काम भी वह करता है।
लूट के बाद आरोपियों के सुंदर नगर होते हुए रायपुरा और वहां से रिंग रोड-१ से फरार होने की आशंका है। रिंग रोड नंबर-१ महासमुंद, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई होते हुए महाराष्ट्र की ओर जाती है। इससे पुलिस को शक है कि आरोपियों ने लूट के बाद इसी रास्ते से निकले हैं।
कार सवार लुटेरे प्रशांत को बाइक से खींचकर अपने साथ कार में बैठा लिए और कार धीमी गति से सुंदर नगर की ओर बढ़ाया। उससे लूटपाट की गई। इसके बाद उसके ऑफिस से करीब ५०० मीटर दूर छोडक़र डीडी नगर की ओर भाग निकले।
लूट के शिकार प्रशांत ने लुटेरों के कार का जो नंबर पुलिस को बताया है कि वह दोपहिया वाहन का निकला है। इससे पुलिस की दिक्कत और बढ़ गई है। साथ ही वह कभी स्कार्पियों बताता है, तो कभी और किसी वाहन का नाम लेता है। घटना के बाद पुलिस ने डंगनिया बिजली ऑफिस से लेकर सुंदरनगर रोड तक कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की।
प्रशांत को लूटने से पहले अच्छी तरह रेकी की गई थी। प्रशांत लाखेनगर शराब दुकान, टिकरापारा, मोवा से राशि कलेक्शन करते हुए आरकेसी के पास स्थित शराब दुकान पहुंचा। वहां हिसाब-किताब किया। इसके बाद रुपए बैग में रखकर सुंदर नगर के लिए निकला। आशंका जताई जा रही है कि लुटेरे शराब दुकान से ही उसके पीछे लगे हुए थे। सभी दुकानों से राशि इकट्ठा हो जाने दिया। इसके बाद जैसे ही प्रशांत अनुपम नगर गार्डन से थोड़ा आगे बढ़ा, लुटेरों ने उसे लूट लिया।
आधी रात को लूट की घटना हुई, लेकिन आजाद चौक पुलिस रविवार दोपहर तक लूट की एफआइआर दर्ज नहीं की थी। आजाद चौक पुलिस को पूरी घटना पर ही शक था। दोपहर बाद पुलिस ने शराब दुकान संचालकों से बातचीत की और कलेक्शन एजेंसी के अधिकारियों से बात की। इसके बाद अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
Published on:
16 Jul 2018 10:15 am
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