
प्रतीकात्मक तस्वीर
World Lung Cancer Day: पीलूराम साहू की रिपोर्ट. कभी 55-60 वर्ष की उम्र के बाद व स्मोकिंग करने वालों की बीमारी माना जाने वाला लंग्स कैंसर अब 40 साल या इससे कम उम्र के युवाओं को निशाना बना रहा है। इस उम्र में इस बीमारी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इनमें चौंकाने वाली बात ये है कि 60 फीसदी युवा नॉन स्मोकर है। यानी वे बीड़ी-सिगरेट नहीं पीते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार इसका कारण प्रदूषण व जेनेटिक है। 31 जुलाई को विश्व लंग्स कैंसर डे है। इस मौके पर पत्रिका ने कैंसर विशेषज्ञों व लंग्स सर्जन से बात की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। प्रदेश में एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट एकमात्र सरकारी अस्पताल है, जहां लंग्स की सर्जरी हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार लंग्स कैंसर का ऑपरेशन भी किया जा रहा है।
39 वर्षीय व्यक्ति को लगातार खांसी हो रही थी। चेस्ट एक्सरे कराने पर टीबी की पुष्टि हुई। टीबी का इलाज कराया गया। बीमारी ठीक नहीं होने पर फिर जांच की गई। इसमें लंग्स कैंसर की पुष्टि हुई। इलाज के बाद अब वह स्वस्थ है।
35 वर्षीय महिला को खांसते समय खून आया। वजन भी लगातार घट रहा था। अस्पताल में लंग्स कैंसर की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। पता चला कि उन्हें फोर्थ स्टेज का कैंसर था।
औद्योगिक प्रदूषण: रायपुर, भिलाई, कोरबा व रायगढ़ में कोयला, सीमेंट व पावर प्लांट से निकलने वाला जहरीला धुआं। डब्ल्यूएचओ इसे सीधे लंग कैंसर से जोड़ता है।
- बायोमास का धुआं: ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी व गोबर के कंडे से खाना बनाना। एक घंटे का धुआं 100 सिगरेट के बराबर नुकसान करता है।
- जेनेटिक कारण: युवा मरीजों में एएलके, ईजीएफआर म्यूटेशन ज्यादा। यानी बिना स्मोकिंग के भी जेनेटिक कारणों से लंग्स कैंसर।
- वेपिंग-हुक्के: कॉलेज-कैंपस में वेपिंग व हुक्के का ट्रेंड। नई रिसर्च कहती है स्मोकिंग व वेपिंग से रिस्क 4 गुना बढ़ जाता है।
संजीवनी कैंसर अस्पताल डायरेक्टर डॉ. युसूफ मेमन ने बताया कि खासकर युवाओं में स्माेकिंग की लत बढ़ती जा रही है। ये उन्हें लंग्स कैंसर की ओर ढकेल रहा है। अस्पताल में ऐसे अनेक युवा आते हैं, जिनकी उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच रही है। अच्छी बात ये है कि समय रहते डायग्नोस होने से जरूरी इलाज से उनकी जान बचाई गई। युवा स्मोकिंग से दूर रहे तो गंभीर बीमारी से बच सकते हैं।
प्रोफेसर व एचओडी कार्डियक सर्जरी एसीआई डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में लंग्स कैंसर की सर्जरी की जा रही है। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अकेले एसीआई में लंग्स का ऑपरेशन होने से मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। प्रदूषण के अलावा स्मोकिंग, लकड़ी व कंडे का धुआं लंग्स कैंसर के लिए जिम्मेदार है। समय पर इलाज से जान बचती है।
Updated on:
31 Jul 2026 11:39 am
Published on:
31 Jul 2026 11:39 am
