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छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर के नए नियम लागू, तीन महीने का एडंवास जमा करने पर ही जलेगी बिजली, नहीं तो कनेक्शन कट

Chhattisgarh Smart Meter Rules: 1 अगस्त से सरकारी विभागों में प्री-पेड सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा विभागों में बकाया 3200 करोड़ की राशि को चार किस्तों में जमा करने के निर्देश दिए हैं..
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Smart Meter New Rules in chhattisgarh

Photo- Patrika

Smart Meter Rules: सीएसपीडीसीएल ने सरकारी विभाग में बकाया बिजली बिल को वसूलने और उधारी बिजली बिल उपलब्ध नहीं कराने के लिए एक बार फिर प्रयास शुरू कर दिए हैं। शनिवार से शुरू हो रहे नए महीने अगस्त की 1 तारीख से सरकारी विभागों में प्री-पेड सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में सीएसपीडीसीएल का करीब 3200 करोड़ सरकारी विभाग में बकाया है। इसको वसूलने और आगे उधारी बिजली न देने के लिए सीएसपीडीसीएल ने यह निर्णय लिया है।

Chhattisgarh Smart Meter Rules: जमा करना होगा एडवांस बिजली बिल

प्री-पेड सिस्टम शुरू होने पर विभाग को एडवांस में तीन महीने का अनुमानित बिजली बिल की राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर सरकारी विभागों में अंधेरा छाने का संशय बना रहेगा। क्योंकि सीएसपीडीसीएल ने एडवांस नहीं जमा करने पर बिजली कनेक्शन तक काटने की तैयारी कर रहा है। बकाया भी विभागों को एक साल के अंदर चार किस्तों में भुगतान करना होगा। महीने में किस्त जमा करना होगा।

100 फीसदी लग चुके हैं स्मार्ट मीटर

प्रदेशभर में विकासखंड स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसके बाद सीएसपीडीसीएल ने विभागों को उधारी बिजली नहीं देने के लिए प्री-पेड सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। यानि मोबाइल की तरह विभागों को पहले तीन महीने के लिए स्मार्ट मीटर को एडवांस अनुमानित राशि अदाकर रिचार्ज करना होगा। फिर उन्हें बिजली उपयोग करने के लिए मिलेगी।

आम उपभोक्ताओं को अभी राहत

सीएसपीडीसीएल ने अभी आम उपभोक्ताओं के लिए प्री-पेड सिस्टम लागू करने से राहत दी है। उपभोक्ताओं के करीब 40 घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। सरकारी विभागों में स्थिति को देखने के बाद आम उपभोक्ताओं के लिए यह सिस्टम लागू किया जाएगा।

अलग से रखना होगा बजट, 1 महीने का गेस पीरिएड

प्री-पेड सिस्टम लागू होने पर सरकारी विभाग को बिजली बिल एडंवास में जमा करने के लिए अलग से बजट रखना होगा। एडवांस में जमा राशि से हर महीने बिजली बिल भुगतान का विभागों को तीन बार एसएमएस भेजा जाएगा और फिर एडवांस राशि जमा करने का अलर्ट जारी किया जाएगा। विभागों को एक महीने का समय बजट राशि को पास कराने के लिए दिया जाएगा। यानि रिचार्ज खत्म होने के एक महीने तक कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। लेकिन, फिर राशि नहीं जमा करने पर विभागों पर कार्रवाई की जाएगी।

सबसे ज्यादा निकायों का बकाया

32 सरकारी विभागों का करीब 3200 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। यह आंकड़ा मई 2026 का है। अब इसके और बढ़ने की संभावना है। सबसे ज्यादा नगरीय निकायों 1596.36 करोड़ बिल बकाया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 1121.36 करोड़ रुपए बाकी है।

सरकारी विभागों में अगस्त से प्री-पेड सिस्टम लागू

सीएसपीडीसीएल, ईडी राजस्व अधिकारी सहदेव ठाकुर ने बताया कि सरकारी विभागों में प्री-पेड सिस्टम अगस्त से लागू कर दिया जाएगा। सभी विभागों को तीन महीने का एडवांस जमा करना होगा। साथ ही बकाया बिजली बिल को भी विभागों को 1 साल के अंदर चार किस्तों में भुगतान करना होगा। आम उपभोक्ताओं के लिए सिस्टम शुरू करने पर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

शासकीय विभागों में स्मार्ट मीटर की स्थापना

विकासखंड स्तर तक- 45370-

लग चुके 45370 (100 फीसदी)

विकासखंड स्तर से निचले स्तर तक- 1.28 लाख

लग चुके- 119785

सरकारी विभागों में बकाया

कुल कनेक्शन: 156620

बकाया बिल-2555.79 करोड़

सरचार्ज: 639.40 करोड़

कुल: 3195.19 करोड़