
पति-पत्नी ने कार खरीदने के लिए बैंक से 20 लाख का कर्ज, 4 साल बाद जब सच्चाई खुली तो...
रायपुर. छत्तीसगढ़ में महंगी कार खरीदने के नाम पर बैंक को झांसा देने वाले माइनिंग ठेकेदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी की पत्नी के अलावा लोन के लिए गारंटी लेने वाले के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों ने बैंक से स्कोडा कार खरीदने के लिए 20 लाख रुपए का लोन लिया था। बैंक को कार खरीदने संबंधी फर्जी दस्तावेज दिखाया और उसके आधार पर लोन ले लिया। शुरुआत में लोन की किस्त अदा करता रहा। जिसे अचानक बंद कर दिया। बैंक ने जांच की तो...
पुलिस के मुताबिक टाटीबंध के उदया सोसाइटी के कैलाश सचदेव और जसमीत सचदेव ने वर्ष 2014 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया फाफाडीह में स्कोडा कार खरीदने के लिए 20 लाख रुपए का लोन लिया था। इसके लिए गारंटर के तौर पर लोकेश चौबे थे। कैलाश ने कार का कोटेशन सहित सभी आवश्यक दस्तावेज पेश किया। इसके बाद बैंक ने संबंधित खाते में 20 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से जमा कर दिए। पैसा मिलने के बाद आरोपियों ने कार नहीं खरीदी और पूरी राशि का आहरण कर लिया। बैंक को झांसा देने के लिए शुरुआत में लोन की किस्तों का भुगतान करते रहे। करीब साल भर बाद किस्त जमा करना बंद कर दिया।
इसके बाद बैंक अधिकारियों ने किस्त जमा करने और कार की आरसी बुक की मांग की। आरोपियों न किस्त जमा किया और न ही आरसी बुक जमा की। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने थाने में शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद कैलाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसकी पत्नी जसमीत और गारंटर लोकेश चौबे के खिलाफ भी अपराध कायम किया गया है। दोनों अभी फरार है।
Published on:
09 Dec 2018 03:59 pm
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