
अंतिम सावन सोमवार को दो लाख पांच हजार दो सौ पार्थिव शिवलिंग का किया गया निर्माण
नवापारा राजिम। श्रावण के अंतिम आठवें सोमवार को प्रति सोमवार की तरह पार्थिव शिवलिंग निर्माण के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ ही घंटों में शिवभक्तों ने दो लाख पांच हजार दो सौ मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर दिया। उसके बाद सभी शिवभक्तों तक जल, पंचामृत, दीपक, पुष्प, बेलपत्र व पूजन सामग्री पहुंचाया गया। संतोष मिश्रा के नेतृत्व में देवेंद्र शर्मा ने पूरे विधि विधान से पूजन करवाया।
5 ब्राम्हणों ने पूजन करवाया
विसर्जन करने के लिए सोमवार को काफी लंबी कतार थी। गांधी चौक होते चांदी चौक से डॉक्टर बलजीत के हास्पिटल के सामने से शिव भक्तों ने सिर पर शिवलिंग निर्माण थाली को लेकर महानदी मैया की ओर बढ़ चले। सामने ढोल बाजे बजते हुए जा रहे थे व भक्तगण झूम रहे थे। भगवान भोले के जयकारे लग रहे थे। दद्दा शिष्य मंडल के सदश्य पूरी व्यवस्था को संभाल रहे थे। नगरवासी अपने दुकान व घर से निकल कर इस भक्ति भरे आयोजन को देखकर भगवान भोलेनाथ को प्रणाम कर रहे थे।
नेमी साहू व डॉली निसाद जो कि सालासर सुन्दरकाण्ड चालीसा के समिति व अन्य सदस्यों ने भजनों पर झूमने मजबूर कर दिया। सोमवार को राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट , दद्दा शिष्य मंडल व सालासर सुन्दरकांड हनुमान चालीसा समिति के अलावा नगर के लोग भंडारे में परोसगारी में स्वयम लग गए। भोजन भंडारा विजय गोयल परिवार, स्वर्गीय सुरेश साहू के यहां से ममता साहू व संकटमोचन दक्षिनमुखी सुन्दरकाण्ड समिति के द्वारा आयोजित किया गया था। साथ ही 11 स्टील के कोपरे कुंजलाल जायसवाल ने दान में दिए दद्दा शिष्य मंडल को। सालासर सुन्दरकाण्ड जनकल्याण समिति के संस्थापक राजू काबरा ने कहा कि राधा कृष्ण मंदिर के प्रांगण में 10 वर्षीय बालव्यास कृष्णा महाराज की 23 दिसंबर से विशाल शिव महापुराण की कथा होगी। जिसको सुनते ही भक्तों ने करतल ध्वनि से ताली बजाई। आयोजक इतने सुंदर समापन को देखकर गदगद हो गए व सभी भक्तों व सहयोगियों के प्रति आभार प्रगट किया।
राधाकृष्ण मंदिर के सर्वराकार मोहन लाल अग्रवाल ,गोपाल अग्रवाल, गिरधारी अग्रवाल के साथ ही पूरे भक्तगण इतने बड़े आयोजन को सहज, सरल, बिना तकलीफ के संभाल लिए। दद्दाजी के शिष्य संजय अग्रवाल भी जबलपुर से पधारे थे। इस आयोजन को देखकर गदगद हो गए। उन्होंने कहा दद्दाजी तो नहीं है पर आज के आयोजन को देखकर लग रहा कि भगवान शंकर की कृपा व दद्दाजी की विशेष आशीर्वाद से ही इतना विशाल आयोजन सफल हुआा है। आयोजको ंने जाने अनजाने हुई गलतियों के लिए छमा मांगते हुए कहा कि 97 साल पुराना यह राधाकृष्ण मंदिर आपका अपना है। आपका सवागत वंदन अभिन्नदन है जो आपने इस आयोजन को अपना समझ भरपूर सफल बनाया।
Published on:
29 Aug 2023 03:36 pm
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