उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को गिराती हैं, बल्कि उन विद्यार्थियों के मनोबल को भी आघात पहुंचाती हैं, जो अपनी मेहनत के बल पर सफलता प्राप्त करना चाहते हैं। एक शिक्षक द्वारा स्वयं अपनी मर्यादा का उल्लंघन करना अत्यंत ङ्क्षनदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया।