
मुखबिरी के शक में माओवादियों ने ग्रामीण को दी खौफनाक सजा, मौत के घाट उतारा
रायपुर. माओवादी विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए प्रत्याशियों पर हमला कर सकते हैं। खुफिया विभाग को इनपुट मिले हैं कि चुनावी दौरे, सभा अथवा जनसंपर्क के दौरान प्रत्याशियों को निशाना बना सकते हैं। राज्य पुलिस और नक्सल ऑपरेशन से जुड़े अफसरों ने बताया कि माओवादी गतिविधियों के मद्देनजर प्रत्याशियों की सुरक्षा में इजाफा किया गया है। साथ ही प्रमुख जनप्रतिनिधियों को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। वहीं, संबंधित इलाकों में उनके दौरे के पहले फोर्स को तैनात किया जाएगा।
माओवादियों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी देते हुए लोगों को मतदान नहीं करने को कहा है। उन्होंने चुनाव संबंधी किसी भी गतिविधि में शामिल होने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। इसके पोस्टर-बैनर भी बस्तर क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में लगाए गए थे। बाद में पुलिस ने इन्हें जब्त किया था। इन घटनाओं के बाद खुफिया विभाग ने स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई, जिसमें माओवादियों द्वारा विधानसभा चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों पर हमला करने की सनसनीखेज सूचना सामने आई।
चुनाव बाधित करने की योजना
माओवादियों ने चुनाव बाधित करने के लिए आक्रामक रुख अख्तियार किया है। मिले इनपुट के मुताबिक मतदाताओं को धमकी देने, मतदान दलों और सुरक्षाबलों पर हमला करने के साथ ही मतदान सामग्री और मशीन लूटने की योजना बनाई है। बता दें कि माओवादी हिंसा प्रभावित बस्तर संभाग और राजनांदगांव जिले के 50 से अधिक मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां 0 से 25 फ़ीसदी ही मतदान होता है।
बस्तर रेंज आईजी विवेकानंद सिन्हा माओवादियों की गतिविधियों को देखते हुए प्रत्याशियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उनकी सभा, जनसंपर्क अभियान और दौरों के पहले सुरक्षाबल तैनात किया जाएगा।
Updated on:
20 Oct 2018 03:39 pm
Published on:
20 Oct 2018 03:38 pm

बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
